वनडे मैचों में तीन दोहरे शतक जमा चुके रोहित शर्मा ने टी20 में किया यह बड़ा कारनामा....

कल के मैच के दौरान रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी 12 रन के अंतर से एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने से चूक गई. इन दोनों बल्‍लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 160 रन जोड़े. यदि ये दोनों 12 रन और बना लेते तो टी20 की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड स्‍थापित कर लेते. यह रिकॉर्ड इस समय न्‍यूजीलैंड के मार्टिन गप्टिल और केन विलियमसन के नाम पर है. इन दोनों ने वर्ष 2016 में हेमिल्‍टन में पाकिस्‍तान के खिलाफ 171 रन की साझेदारी की थी.

वनडे मैचों में तीन दोहरे शतक जमा चुके रोहित शर्मा ने टी20 में किया यह बड़ा कारनामा....

जब वर्ल्‍डकप 1983 विजेता भारतीय टीम के खिलाड़ि‍यों की 'मदद' के लिए आगे आई थीं लताजी

वर्ल्‍डकप 1983 की बड़ी जीत के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) टीम के खिलाड़ि‍यों को सम्‍मानित करने और 'बड़ा' पुरस्‍कार देने के बारे में सोच रहा था लेकिन समस्‍या यह थी कि उसके पास ज्‍यादा धनराशि नहीं थी. क्रिकेट का खेल उस समय तक पेशेवर रूप नहीं ले पाया था और उस समय बीसीसीआई आज की तरह 'धनकुबेर' नहीं था. स्‍वरकोकिला लता मंगेशकर ऐसे में बीसीसीआई और खिलाड़ि‍यों की मदद के लिए आगे आई थीं.

जब वर्ल्‍डकप 1983 विजेता भारतीय टीम के खिलाड़ि‍यों की

यादें: जब कपिल देव की टीम ने जीता था वर्ल्‍डकप 1983, यह खिलाड़ी बना था जीत का हीरो

क्रिकेट की बाइबल मानी जाने वाली पत्रिका विज्‍डन ने मोहिंदर अमरनाथ को साल के 5 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में चुना था. कह सकते हैं कि कपिल देव और मोहिन्दर अमरनाथ भारतीय क्रिकेट में बदलाव के सूत्रधार थे. 1983 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय क्रिकेट हमेशा के लिए बदल गया.हमेशा अपनी ट्राउंजर के पॉकेट में लाल रुमाल रखने वाले "मास्टर ऑफ़ कम बैक" मोहिन्दर अमरनाथ को तेज़ गेंदबाज़ों के समक्ष बेहतरीन बल्लेबाज़ माना जाता था.

यादें: जब कपिल देव की टीम ने जीता था वर्ल्‍डकप 1983, यह खिलाड़ी बना था जीत का हीरो

सचिन तेंदुलकर की खास लाइब्रेरी, 'क्रिकेट के भगवान' पर इतनी भाषाओं में हैं किताबें

केरल में ऐसे ही एक प्रोफेसर सामने आए हैं, जिन्होंने सचिन तेंदुलकर पर केंद्रित अनूठी लाइब्रेरी स्थापित की है, जो चर्चा का केंद्र बन गई है.

सचिन तेंदुलकर की खास लाइब्रेरी,

कोच की उस डांट ने सचिन तेंदुलकर को बना दिया क्रिकेट का भगवान

कम ही लोगों को यह जानकारी होगी कि सचिन बचपन में बेहद शरारती थे. बड़े भाई अजीत तेंदुलकर उन्‍हें कोचिंग के लिए रमाकांत अचरेकर के पास लेकर गए. आचरेकर की कोचिंग में जब सचिन क्रिकेट सीख रहे थे तो शुरुआती दौर में दूसरे किशारों के तरह वे भी अनुशासित नहीं थे.

कोच की उस डांट ने सचिन तेंदुलकर को बना दिया क्रिकेट का भगवान
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