
भारत के पूर्व टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देवबर्मन (Somdev Devvarman) का मानना है कि एकल टेनिस खिलाड़ियों को टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) में शामिल करने से पहले जमीनी स्तर पर अच्छे परिणाम हासिल करने के लिए एक विकास योजना होनी चाहिए. भारत के युगल खिलाड़ी रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) और दिविज शरण (Divij Sharan) ही ऐसे खिलाड़ी हैं जो टॉप्स स्कीम का हिस्सा हैं. टॉप्स स्कीम में शामिल खिलाड़ियों को सरकार से आर्थिक सहायता मिलती है. सोमदेव ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'टॉप्स स्कीम, ओलिंपिक पोडियम के लिए है. ओलिंपिक पोडियम में शामिल होने से पहले काफी मेहनत करनी पड़ती है. इसके लिए जमीनी स्तर पर विकास करने की जरूरत है. इसके अलावा अधिक से अधिक टूर्नामेंट आयोजित होने चाहिए.'
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Before talking about getting singles tennis players into Target #Olympic Podium Scheme (#TOPS) scheme, there should be developmental plan in place from grassroots level in order to produce better results, feels former star and national observer for the sport, #SomdevDevvarman. pic.twitter.com/XxcQfuuxTV
— IANS Tweets (@ians_india) July 27, 2019
उन्होंने (Somdev Devvarman) कहा, 'वास्तव में पूरे देश में खिलाड़ियों के लिए कई अवसर हैं. जब खिलाड़ियों को अवसर मिलता है तो आपको एक विकास कार्यक्रम की जरूरत होती है, जहां बच्चे एक अच्छी प्रणाली से गुजरते हैं और बेहतर खिलाड़ियों के रूप में सामने आते हैं.' सोमदेव ने कहा, 'टॉप्स कार्यक्रम में अधिक खिलाड़ियों को शामिल करने के लिए जमीनी स्तर पर एक बेहतर विकास कार्यक्रम आयोजित करने की जरूरत है.' पूर्व नंबर एक खिलाड़ी ने कहा कि अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के पास विकास कार्यक्रमों को लागू करने के लिए विशेषज्ञता की कमी है. उन्होंने साथ ही कहा कि महासंघ के पास बेहतर विकास कार्यक्रमों को लागू करने की विशेषज्ञता नहीं है और भारतीय टेनिस वर्ल्ड में काफी पीछे है.
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सोमदेव (Somdev Devvarman) ने कहा, 'एक खिलाड़ी के रूप में एआईटीए पर भरोसा करना बुद्धिमानी नहीं हो सकती. मैं उनकी भूमिका के बारे में बहुत निश्चित नहीं हूं. आज हम जिन खिलाड़ियों की चर्चा करते हैं वे सभी टूर पर हैं और टूर पर अपना पैसा कमाते हैं.' उन्होंने कहा, 'डेविस कप और फेड कप के अलावा एआईटीए की इन खिलाड़ियों के विकास में कोई भूमिका नहीं है. ओलिंपिक में किसी भी तरह की सार्थक मदद की उम्मीद करना एक विकल्प नहीं है. मुझे नहीं लगता कि वे वास्तव में जानते हैं कि मदद कैसे करनी है क्योंकि उन्होंने कभी मदद नहीं की है.'
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं