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NDTV World Summit: "पोलैंड के खिलाफ हार के बाद..." चेस ओलंपियाड में स्वर्ण जीतने वाली तानिया सचदेव ने बताई आखिरी पलों की कहानी

NDTV World Summit: एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में शतरंज ओलंपियाड 2024 की स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा रहीं तानिया सचदेव, वंतिका अग्रवाल और महिला टीम के कोच अभिजीत कुंटे ने हिस्सा लिया.

NDTV World Summit: "पोलैंड के खिलाफ हार के बाद..." चेस ओलंपियाड में स्वर्ण जीतने वाली तानिया सचदेव ने बताई आखिरी पलों की कहानी
NDTV World Summit: चेस ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम का हिस्सा रहीं तानिया सचदेव ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में हिस्सा लिया है

भारतीय चेस टीम ने हाल ही में शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा था. भारत की पुरुष और महिला टीमों ने 45वें शतरंज ओलंपियाड में अंतिम दौर में अपने अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर इस प्रतियोगिता में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था. 45वां चेस ओलंपियाड हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में खेला गया. जिसमें 195 देशों की 197 टीमें पुरुष वर्ग में और महिला वर्ग में 181 देश की 183 टीमों ने हिस्सा लिया था. हरिका द्रोणावल्ली, वैशाली रमेशबाबू, दिव्या देशमुख, वंतिका अग्रवाल, तानिया सचदेव और अभिजीत कुंटे (कप्तान) भारतीय महिला टीम का हिस्सा थे.

एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में शतरंज ओलंपियाड 2024 की स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा रहीं तानिया सचदेव, वंतिका अग्रवाल और महिला टीम के कोच अभिजीत कुंटे ने हिस्सा लिया. चेकमेट: डोमिनेटिंग द वर्ल्ड, सेशन में जब तानिया से पूछा गया कि गुकेश से जब यह 12वें दिन के अंत में पता चल गया था कि टीम स्वर्ण पदक जीतने जा रही है, ऐसे में यह कितना कठिना था आखिरी दिन जाकर फोक्स करना और फिर अपना गेम जीतना.

इस पर तानिया सचदेव ने कहा,"महिला टीम के लिए कहानी अलग थी क्योंकि हमने लगातार सात मैच जीते थे और हम पोलैंड से आठवां मैच हार गए. अब कहानी आखिरी पलों से भी पीछे जाती है क्योंकि हम बिल्कुल इसी स्थान पर थे. 2022 में चेन्नई ओलंपियाड में भी जब हमने शानदार प्रदर्शन किया था. अंतिम पलों में हमें एक हार का सामना करना पड़ा और फिर हम उससे वापस आ गए लेकिन यह आखिरी राउंड था जिसने हमसे गोल्ड छीन लिया."

तानिया सचदेव ने आगे कहा,"आप जानते हैं कि अतीत के भूत हमेशा आपके दिमाग में रहते हैं और यह बहुत महत्वपूर्ण है शोर को रोकें, हम पोलैंड के खिलाफ हार के बाद वापसी करने में कामयाब रहे और फिर अंततः आखिरी मैच में जाने पर हम जानते थे कि हमें इसे जीतने की जरूरत है. इसलिए यह ऐसी स्थिति नहीं थी जहां अगर हम ड्रा करते तो हम हर बोर्ड पर कब्जा कर लेते. लक्ष्य दिया जाए इसलिए हमें आखिरी मैच में मेहनत करनी होगी और पसीना बहाना होगा."

भारतीय टीम इससे पहले 2022 में चेन्नई में गोल्ड के काफी करीब थी, लेकिन वहां उसे आखिरी पलों में हार का सामना करना पड़ा था. इसको लेकर तानिया ने कहा,"मैं और हरिका, साल 2008 से टीम में साथ हैं, मैंने सभी ओलंपियाड खेले हैं, वह 2004 से टीम के साथ है और उसने सभी ओलंपियाड खेले हैं. और मुझे लगता है कि आप उसे देख सकते हैं. हम सभी ने इसे महसूस किया है, आप जानते हैं कि यह कुछ ऐसा है जिसके लिए हमने उस चेन्नई से 2 साल तक काम नहीं किया है, बल्कि मेरे लिए 16 साल हैं और यह उसके लिए इससे भी अधिक है.इसलिए उस पल में वह काम करने के बाद मुझे लगता है कि हम सभी शायद पहले से कहीं अधिक भावुक महसूस कर रहे थे क्योंकि यह स्वर्ण जीतने से कहीं आगे निकल गया था. यह हममें से कई लोगों के लिए जीवन भर की यात्रा थी. "

शतरंज ओलंपियाड में भारत से पहले सिर्फ दो ही देश एक ही संस्करण में पुरुष और महिला टीम का गोल्ड अपने नाम करने में सफल रहे थे. ऐसे में यह उपलब्धि काफी ऐतिहासिक थी.  इसको लेकर तानिया ने कहा,"टीम और मुझे नहीं लगता कि हममें से किसी ने पुरुष टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने से बेहतर प्रदर्शन की कल्पना की होगी. हमसे पहले केवल दो देशों ने ओलंपियाड में ऐसा किया है कि उन्होंने पुरुषों और महिलाओं को एक साथ मिलकर ओलंपियाड जीता है. जानते हैं लोगों के पास है."

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