
कुश्ती में भारत के लिए टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में पदक की आखिरी उम्मीद बजरंग पूनिया (Indian wrestler Bajrang Punia) ने ईरान के मुर्तजा चेका घियासी के खिलाफ शुक्रवार को यहां 65 किग्रा भार वर्ग में अपने अनुभव और कौशल का शानदार इस्तेमाल करते हुए जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की. अपने विरोधी पहलवान को मैट पर पटकने के बाद जिस तरह से बजरंग ने खेल भावना दिखाई उसने फैन्स का दिल जीत लिया है. बता दें कि बजरंग को जब जीत मिली तो ईरान के पहलवान मुर्तजा निराश होकर मैट पर ही लेटे हुए थे. ऐसे में बजरंग ने खेल भावना का परिचय दिया और उन्हें उठने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया. बजरंग के इस खेल भावना की चर्चा हर तरफ हो रही है. सोशल मीडिया पर उनकी यह तस्वीर खूब वायरल हो रही है.
Down one moment, winning the bout in another but the mutual respect always stays on
— #Tokyo2020 for India (@Tokyo2020hi) August 6, 2021
Brilliant display of sporting spirit in the @BajrangPunia vs Morteza Ghiasi clash #Tokyo2020 | #StrongerTogether | #UnitedByEmotion pic.twitter.com/4tsqUsyzgE
बता दें कि ईरान के पहलवान ने पहले पीरियड में एक अंक जुटाकर बजरंग पर बढ़त बना ली. इस पीरियड में ज्यादातर समय बजरंग घियासी की रक्षात्मक खेल को मात नहीं दे सके. इस दौरान घियासी ने बजरंग के दायें पैर पर मजबूत पकड़ बना ली थी. दूसरे पीरियड के आखिरी क्षणों में भी घियासी ने बजरंग के दायें पैर पर फिर से मजबूत पकड़ बनाने में सफल रहे लेकिन भारतीय पहलवान ने शानदार कौशल का परिचय दिया और वह इससे बाहर निकलने में सफल रहे. उन्होंने इसके बाद घियासी को चित कर जीत दर्ज की.
The pin down that sealed the deal! #Wrestling #StrongerTogether | #Tokyo2020 | #UnitedByEmotion | #BestOfTokyo | @BajrangPunia pic.twitter.com/jyuWm9un0Z
— #Tokyo2020 for India (@Tokyo2020hi) August 6, 2021
बजरंग को फाइनल में जगह बनाने के लिए अजरबैजान के हाजी अलीव से भिड़ना होगा अलीव तीन बार के विश्व चैंपियन और रियो खेलों के कांस्य विजेता हैं. बजरंग ने इससे पहले किर्गीस्तान के अर्नाजार अकमातालिएव को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की थी. ओलंपिक खेलों के अपने पहले मुकाबले के शुरुआती पीरियड के आखिरी क्षणों में बजरंग ने अकमालालिएव को मैट पर पटक कर 3-1 की बढ़त बना ली लेकिन किर्गीस्तान के पहलवान ने दूसरे पीरियड में पुशआउट के जरिये दो बार एक-एक अंक जुटाकर स्कोर बराबर कर दिया.
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बजरंग ने दो अंक वाला एक स्कोर बनाया था इसलिए उन्हें विजेता घोषित किया गया. बजरंग के लिए यह मुकाबला आसान नहीं था. वह रूस के एक स्थानीय टूर्नामेंट के दौरान घुटने की मामूली चोट से उबर कर इन खेलों में आए है.
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