Asian Games 2018: जापान से हारी भारतीय महिला हॉकी टीम, स्वर्ण व ओलिंपिक टिकट गंवाया

Updated: 31 August 2018 21:24 IST

इस हार के साथ ही भारतीय महिला टीम एशियाई खेलों में 36 साल बाद दूसरा स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं. भारत ने 1982 में नई दिल्ली में हुए नौवें एशियाई खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था. स्वर्ण से चूकने के कारण भारतीय महिला टीम को टोक्यो ओलिंपिक-2020 का टिकट भी गंवाना पड़ा.

Asian Games 2018: India Women
भारतीय महिला हॉकी टीम को जापान के हाथों 1-2 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा

जकार्ता:

भारतीय महिला हॉकी टीम को 18वें एशियन गेम्‍स 2018 के फाइनल में आज जापान के हाथों 1-2 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा. जापान के लिए शिहोरी ओइकावा ने 11वें और मोतोमी कावामुरा ने 44वें मिनट में गोल किए, वहीं भारतीय टीम के लिए नेहाल गोयल ने 25वें मिनट में एकमात्र गोल किया. इस हार के साथ ही भारतीय महिला टीम एशियाई खेलों में 36 साल बाद दूसरा स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं. भारत ने 1982 में नई दिल्ली में हुए नौवें एशियाई खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था. स्वर्ण से चूकने के कारण भारतीय महिला टीम को टोक्यो ओलिंपिक-2020 का टिकट भी गंवाना पड़ा. टोक्यो ओलिंपिक खेलने के लिए भारतीय टीम को अब क्वालिफाइंग मैच खेलने होंगे.

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भारत को मुकाबले के 10वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर मिला जिसपर उसके खिलाड़ी गोल करने से चूक गए. वहीं जापान ने 11वें मिनट में मिले पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर मैच में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली. पहले क्वार्टर में 0-1 से पिछड़ने के बाद भारतीय महिलाओं ने दूसरे क्वार्टर में अच्छी वापसी की और गेंद को अपने नियंत्रण में रखा. भारतीय टीम को इसका फायदा उस समय मिला जब नेहा ने 25वें मिनट में नवनीत के रिवर्स शॉट पर गेंद को नेट के अंदर डिफ्लेक्शन कर भारत को 1-1 की अहम बराबरी दिला दी. हाफ टाइम के बाद मैच 1-1 से बराबरी रहने के बाद भारतीय टीम तीसरे क्वार्टर में एक अलग रणनीति के साथ उतरी.

वीडियो: महिला हॉकी टीम की रानी रामपाल से बातचीत

मैच के 35वें मिनट में नवजोत और वंदना ने अच्छा मूव बनाने की कोशिश की, लेकिन वंदना नवजोत के पास को ट्रैप नहीं कर पाई और जापान के गोलकीपर ने अच्छा बचाव कर लिया. जापान को 44 मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर मिला जिस पर मोतोमी कावामुरा ने गोल कर अपनी टीम को 2-1 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी. मैच में 1-2 से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम के लिए चौथा क्वार्टर करो या मरो वाला हो गया क्योंकि मैच में बने रहने के लिए टीम को हर हाल में बराबरी हासिल करनी थी. हालांकि भारतीय टीम के पास चौथे क्वार्टर के आखिरी मिनट में गोल करने का शानदार मौका था. लेकिन वंदना यह मौका चूक गई और भारतीय टीम बराबरी हासिल नहीं कर पाई तथा और उसे 1-2 से हार के कारण स्वर्ण के साथ-साथ टोक्यो ओलिंपिक-2020 का टिकट भी गंवाना पड़ा.  (इनपुट: एजेंसी)

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