
Yashasvi Jaiswal: इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में रविवार को तीसरे टेस्ट (Ind vs Eng 3rd Test) में मिली ऐतिहासिक जीत में जायसवाल ने अपना यश (Yashasvi Jaiswal) कहीं ऊंचा कर लिया. वहीं, नाबाद 214 रन की पारी के बाद उन्होंने वह कमाल भी कर दिखाया है, जहां उन्होंने सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज को सिर्फ 13 पारियों के बाद ही पीछे छोड़ दिया है. सीरीज शुरू होने से पहले जायसवाल एक अलग ही मोड़ पर खड़े थे, लेकिन आज वह जहां खड़े हैं, वहा से वह अपने कमाल को और सुपर कमाल में तब्दील कर सकते हैं. और यह कमाल है टीम इंडिया के लिए शुरुआती करियर के दिनों में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में औसत का.
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बता दें कि इस मामलें पूर्व लेफ्टी विनोद कांबली पहले नंबर पर हैं, जिनका भारत के लिए करियर शुरू होने से पहले फर्स्ट क्लास औसत 88.37 का था, जो उन्होंने 27 मैचों में हासिल किया था. वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज शुरू होने से पहले यशवी जायसवाल का औसत चार टेस्ट की सात पारियों में 45.14 का था. और वह भारतीय इतिहास में सबसे फिसड्डी यानी सातवें नंबर पर थे, लेकिन अब वह सभी को पीछे छोड़ते हुए तीसरी पायदान पर पहुंच गए हैं.
इस मामले में दूसरे नंबर पर प्रवीण आमरे (31.23, 23 मैच), यशस्वी जायसवाल (80.21, 15 मैच), रूसी मोदी (71.28, 38 मैच) चौथे, सचिन तेंदुलकर (70.18, 9 मैच) पांचवें, सरफराज खान (69.85 छठे) और शुभमन गिल (68.78) अब फिसलकर सातवें नंबर पर आ गए हैं. जाहिर है कि जिस बवाली फॉर्म में जायसवाल चल रहे हैं, अगर उनका बल्ला शेष दो टेस्ट और आगे इसी प्रचंड फॉर्म में रहा, तो वह विनोद कांबली को पछाड़कर नंबर एक प्रथण श्रेणी औसत वाले बल्लेबाज बन सकते हैं.
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