
क्या से क्या हो गया, रोहित के राज में ! बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद करोड़ों भारतीयों को भरोसा हो चला था कि कीवियों को भी आसानी से पीटकर भारत आसानी से अगले साल लॉर्ड्स में होने वाली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (WTC Final) का टिकट हासिल कर लेगा, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट (Ind vs Nz) के दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद सवाल अब यह खड़े होने शुरू हो गए हैं कि क्या भारत WTC Final का टिकट हासिल भी कर पाएगा. न्यूजीलैंड ने दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन ही 301 रन की बढ़त लेकर भारत पर शिकंज कस दिया है. अगर यह चर्चा चल पड़ी है, तो आप कदम दर कदम समीकरण समझिए:
दूसरे टेस्ट में हार से होगा यह असर और...
फिलहाल भारत 12 टेस्ट में 8 जीत, 1 ड्रा और 3 हार से 98 प्वाइंट्स और 68.06 जीत प्रतिशत के साथ पहले नंबर पर है. पुणे में हार से उसकी पहली पायदान कायम रहेगी, लेकिन जीत प्रतिशत 62.82 प्रतिशत रह जाएगा.लेकिन अगर टीम रोहित एक नवंबर से खेले जाने वाला तीसरा टेस्ट भी गंवा देगी, तो भारत 58.33 जीत प्रतिशत के साथ ही दूसरे नंबर पर फिसल जाएगा. और यह परिणाम भारत के सामने बड़ा चैलेंज खड़ा करने के साथ ही बड़ी मुसीबत में भी फंसा देगा.

WTC फाइनल के लिए इतना जीत प्रतिशत, लेकिन...
भारत के सामने फाइनल का रास्ता एकदम साफ है, जो यहां से मुश्किल होता दिख रहा है. वजह यह है कि उसे फाइनल में पहुंचने के लिए कम से कम चार जीत और दो ड्रॉ खेलने होंगे. मतलब अगर भारत पुणे टेस्ट हार जाता है, तो इसके बाद उसे बाकी बचे छह में से चार टेस्ट जीतने होंगे. अगर टीम रोहित ऐसा करने में सपल रहती है, उसका जीत/हार प्रतिशत 67.54 प्रतिशत हो जाएगा, जो उसे फाइनल का टिकट दिलाने के लिए काफी है, लेकिन सबसे बड़ा चैलेंज यही है कि क्या वर्तमान हालात को देखते हुए टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पांच में से चार टेस्ट मैच जीत पाएगी? निश्चित तौर पर यह एक चमत्कार से कम नहीं है. आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि राह कितनी चुनौतीपूर्ण हो चली है और न्यूजीलैंड टीम भारत का फाइनल के टिकट का गणित कितना ज्यादा खराब करती दिख रही है.
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