
मानो भारतीय कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और यशस्वी जायसवाल ने विंडीज के खिलाफ शुरू हुए दूसरे टेस्ट (Wi vs Ind 2nd Test) के पहले दिन वीरवार को मानो ठीक वहीं से शुरुआत की, जहां उन्होंने डोमिनिका टेस्ट में छोड़ा था. बल्कि, तुलनात्मक रूप से कहा जाए तो पोर्ट-ऑफ-स्पेन टेस्ट के पहले दिन रोहित और जायसवाल कहीं ज्यादा विश्वसनीय, आक्रामक दिखाई पड़े. और इसकी सबसे बड़ी वजह पिच का आसान होना रहा, जहां शुरुआत से ही गेंद एक तय गति के साथ समान उछाल पर आ रही थी. और इस दोनों ही बल्लेबाजों ने वेरी-वेरी स्पेशल कारनामा करते पहले टेस्ट में मिले आत्मविश्वास को आगे बढ़ाते हुए खुद को महान बल्लेबाजों के क्लब में शामिल करा लिया.
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Lunch on Day 1 of the second Test
— BCCI (@BCCI) July 20, 2023
A solid morning session for #TeamIndia 🇮🇳 as we move to 121/0
Stay tuned for the second session of the day!#WIvIND
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मैच के पहले दिन रोहित और जायसवाल ने पहले सेशन में करीब साढ़े जार रन प्रति ओवर की दर से रन बटोरे. पहले रोहित ने पचासा पूरा किया, तो फिर जायसवाल ने ही आक्रामक तेवरों के साथ पचासे को फिनिशिंग टच दिया, लेकिन शतकीय साझेदारी काफी पहले ही आ चुकी थी. अल्जारी जोसेफ के फेंके 21वें ओवर की पांचवीं गेंद पर रोहित ने सिंगल लिया, तो रोहित और यशस्वी लगातार दूसरी पारी में शतकीय साझेदारी निभाने वाली भारतीय टेस्ट इतिहास की छठी ओपनिंग जोड़ी बन गई. चलिए जान लीजिए इस मामले में नंबर वन पर कौन है. और कौन सबसे ज्यादा लगातार ओपनिंग शतकीय साझीदारियों में सबसे बड़ा भागीदार है.
भारत के लिए लगातार तीन शतकीय साझेदारी बनाने का काम साल 2008-9 में सहवाग और मुरली विजय ने किया है, तो गावस्कर ने यह कारनामा तीन अलग-अलग साझीदारों के साथ तीन बार किया. पहली बार सनी ने फारुख इंजीनियर के साथ 1973-74 में लगातार दो बार शतकीय साझेदारी निभाई, तो इसके बाद उन्होंने 1976 में अंशुमन गायकवाड़ और फिर 1982 में अरुण लाल के साथ भी ऐसा ही कारनामा किया. साफ है कि गावस्कर का सबसे ज्यादा छह बार योगदान रहा.
फिर सदगोपन रमेश और देवांग गांधी ने 1999 में लगातार दो बार शतकीय साझेदारी की, तो अब रोहित ने इस कारनामे को अंजाम देते हुए तीसरी बार का भी विकल्प खुला रखा हुआ है. इसके अलावा जायसवाल और रोहित विदेशी धरती पर भी सबसे ज्यादा ओपनिंग साझेदारी के रिकॉर्ड की भी बराबरी की है. विदेशी जमीं पर 1979 में गावस्कर-चेतन चौहान, 2003-04 में सहवाग-चोपड़ा और साल 2006 में सहवाग और जाफर ने विंडीज में दो बार शतकीय साझेदारी निभाईं. और अब रोहित और जायसवाल ने भी यहां अपना नाम लिखवा दिया है.
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