
\भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने गुरुवार को कहा कि क्षेत्ररक्षण और फिटनेस विभाग में त्वरित सुधार संभव नहीं है, लेकिन उनकी टीम हाल ही में नियुक्त पूर्णकालिक सहयोगी स्टाफ की मदद से उन कमियों को दूर कर लेगी. टीम लंबे समय से क्षेत्ररक्षण और फिटनेस की समस्या से जूझ रही है. भारतीय टीम शुक्रवार से यहां शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ने की तैयारी कर रही है और ध्यान इस बात पर है कि नौ मैच में से छह में दोहरे अंक में पहुंचने में नाकाम रही हरमनप्रीत इससे कैसे उबरती हैं. इसके अलावा भारत ने ऑस्ट्रेलिया की मजबूत टीम के खिलाफ एकदिनी सीरीज में 0-3 की हार के दौरान अंतिम दो मैच में कुल आठ कैच छोड़े जिसमें से सात दूसरे मैच में टपकाए.
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हरमनप्रीत ने संवाददाताओं से कहा, ‘अगर हम टीम के प्रदर्शन के बारे में बात करें तो हम टुकड़ों में बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं. क्षेत्ररक्षण और फिटनेस ऐसी चीजें हैं जिनके बारे में हम लंबे समय से बात कर रहे हैं. हम इस पर काम भी कर रहे हैं.' अक्टूबर के अंत में टीम के मुख्य कोच नियुक्त किए गए अमोल मजूमदार ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला से पूर्व अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि मुनीष बाली (क्षेत्ररक्षण) और ट्रॉय कूली (गेंदबाजी) सहयोगी स्टाफ के सदस्य होंगे.
हरमनप्रीत ने कहा, सबसे अच्छी बात यह है कि अब हमारे पास नियमित सहायक स्टाफ है. बीच में हमारे पास कई कोच थे जिनके क्षेत्ररक्षण और फिटनेस पर अपने विचार थे.' उन्होंने कहा, ‘अभी हमारे पास मुनीष सर हैं, उन्हें समय देना होगा. वह बहुत अनुभवी कोच हैं और उन्होंने कई खिलाड़ियों के साथ काम किया है. वह अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन एक महीने में परिणाम मिलना मुश्किल है.'
हरमनप्रीत ने कहा कि भारत को समग्र प्रदर्शन में सुधार के लिए मैदान पर गलतियों को कम करने पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘यह अच्छी बात है कि हमें अच्छी टीम (ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड) के खिलाफ खेलने और उनके खिलाफ खुद को परखने का मौका मिल रहा है. अगर हम दिन-ब-दिन गलतियां कम करने में सफल रहे, तो टीम का प्रदर्शन बेहतर होगा. अपनी स्वयं की फॉर्म पर उन्होंने कहा, ‘मुझे अच्छी शुरुआत मिल रही है, लेकिन मैं उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पा रही हूं. मुझे लगता है कि किस्मत भी अहम भूमिका निभाती है क्योंकि मैं कुछ बार अजीब तरीके से आउट हुई.'
हरमनप्रीत ने कहा, ‘ऐसा नहीं था कि मैंने खराब शॉट खेले या उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन वे आउट होने के अजीब तरीके थे. मैं कड़ी ट्रेनिंग और बल्लेबाजी का अभ्यास कर रही हूं ताकि ऐसा न लगे कि मेरी फॉर्म खराब है.' हरमनप्रीत ने कहा कि भले ही वर्तमान में भारतीय टीम के पास कोई मानसिक अनुकूलन कोच नहीं है, लेकिन मजूमदार काफी अनुभवी हैं और खिलाड़ियों को चुनौतियों से निपटने में मदद करते हैं.
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