
भारतीय पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर को इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन का वह बयान बिल्कुल भी नहीं भाया है, जिसके तहत नासिर ने कहा था कि सौरव गांगुली के कप्तान संभालने से पहले 'भारत' एक अच्छी टीम हुआ करता था. इस बयान के लिए गावस्कर ने नासिर कम लताड़ लगाई है. नासिर हुसैन ने पिछले हफ्ते कहा था कि गांगुली के कप्तान बनने से भारतीय टीम मजबूत हुई और उस भारतीय टीम ने इस सांस्कृतिक बदलाव के बाद विदेशी जमीन पर और ज्यादा जीतना शुरू कर दिया.
नासिर हुसैन ने यह भी कहा था कि सौरव गांगुली के दौर से पहले की भारतीय टीम सामने वाली टीमों गुड मॉर्निंग करती थी और उन्हें मुस्कान आदि दिया करती थीं. इस पर गावस्कर ने एक अखबार के लिए लिखे कॉलम में कहा. आप नजरिए को देखिए: अगर आप बढ़िया हैं, तो आप कमजोर हैं. मतलब जब तक आप व विरोधी की आंखों में आंखे डालकर बात नहीं करते, तब तक आप मजबूत नहीं हैं!
गावस्कर ने सवाल पूछते हुए कहा कि क्या नासिर यह कह रहे हैं कि सचिन तेंदुलरकर, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, वीवीएस लक्ष्मण, अनिल कुंबले, हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ी कड़े नहीं थे. ऐसा इसलिए है क्योंकि इन खिलाड़ियों ने अपने काम को बिना शोर-शराबा किए और बिना किसी भद्दी दिखायी देने वाली हरकतों के अंजाम दिया.
गावस्कर ने नासिर हुसैन के बयान और साल 2000 से पहले की भारतीय टीमों के बारे में जानकारी के लिए तीखी आलोचना की. सनी ने लिखा कि नासिर हुसैन सत्तर और अस्सी के दशकों की टीमों की मजबूती के बारे में क्या जानते हैं, जिन्होंने घर के साथ-साथ विदेशी जमीं पर भी जीत हासिल की? हां यह सही है कि गांगुली एक शीर्ष कप्तान थे और इन्होंने सबसे नाजुक दौर में भारत की कप्तानी सकी, लेकिन यह कहना पूरी तरह से बकवास है कि उनसे पहले ही टीमें मजबूत नहीं थीं.
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