
भारत टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) के लिए पहले ही टीम का चयन कर चुका है और ऐसे में कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) चाहते हैं कि उनके खिलाड़ी ‘कंफर्ट जोन' (आरामदायक स्थिति) से बाहर निकले तथा अगले महीने होने वाले आईसीसी टूर्नामेंट से पहले ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले जाने वाले छह मैचों में अपने खेल में कुछ नई चीज जोड़ें. रोहित ने कहा कि खिलाड़ियों पर अब टीम के चयन को लेकर दबाव नहीं है और ऐसे में वे अपनी सीमाओं को आगे बढ़ा सकते हैं. टीम प्रबंधन हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya), भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों को इन छह मैचों से विश्राम दे रहा है लेकिन एक तरह से भारत की मजबूत टीम ही इन मैचों में उतरेगी. रोहित की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जबकि टीम प्रबंधन ने एशिया कप में कुछ प्रयोग किए जिनके लिए उन्हें आलोचना भी सहनी पड़ी थी.
रोहित ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच से पूर्व कहा, ‘मैं टीम में सुरक्षा की भावना लाना चाहता था और इसलिए हमने इन दोनों सीरजी तथा वर्ल्ड कप के लिए टीम घोषित कर दी. एशिया कप में भी लगभग हमारी यही टीम थी.'
उन्होंने कहा,‘इन छह मैचों में हम यह आजमाना चाहते हैं कि हम विभिन्न शैलियों में क्या हासिल कर सकते हैं. यह नए तरीके आजमाने से जुड़ा है जिसकी कोई सीमा नहीं है. आप टीम के लिए कई चीजें हासिल करने के लिए खुद को कई दिशाओं में आगे बढ़ा सकते हैं.'
विराट कोहली (Virat Kohli) एशिया कप में अपने ‘कंफर्ट जोन' से बाहर निकले और उन्होंने स्वीप शॉट खेला जैसा कि वह पहले नहीं किया करते थे. रोहित चाहते हैं कि यहां तक कि गेंदबाज भी अपनी सीमा को आगे तक ले जाएं. रोहित ने कहा, ‘हम खिलाड़ियों को अधिक चीजें आजमाने के लिए प्रेरित करेंगे। उदाहरण के लिए जो बल्लेबाज रिवर्स स्वीप नहीं खेल सकता क्या वह ऐसा कर सकता है और क्या वह ऐसा सही तरीके से कर सकता है. ऐसी चीजें जिन्हें करने में आप सहज महसूस नहीं करते हैं उन्हें करो और फिर देखते हैं क्या होता है.'
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘जब आप विश्व कप खेलने के लिए जाते हैं तो आपके पास इन सभी चीजों के जवाब होने चाहिए. उदाहरण के लिए जैसे कि गेंदबाज वह अपने शुरुआती स्पैल में यार्कर या बाउंसर कर सकते हैं. पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप में शुरू में बाहर होने के बाद भारत ने बल्लेबाजी को लेकर अपने रवैए में बदलाव किया तथा रोहित ने कहा कि टीम अपना आक्रामक खेल जारी रखेगी और अगर शुरू में विकेट निकलते हैं तो उनके पास वैकल्पिक योजना भी होगी.
उन्होंने कहा,‘हम वैसा खेलना जारी रखेंगे. हमने मेरी कप्तानी का कार्यकाल शुरू होने पर इस पर स्पष्ट रूप से बात की थी और प्रत्येक इसको लेकर सहज है। इसके अलावा हम यदि संकट में होते हैं तो हम बचाव का दूसरा विकल्प भी जानते हैं, हमने इन चीजों पर बात करने में काफी समय बिताया है.'
रोहित ने कहा,‘खिलाड़ी अच्छी तरह से जानते हैं कि अगर हमारा स्कोर तीन विकेट पर 10 रन हो जाता है तो फिर हमें कैसी बल्लेबाजी करनी होगी. अगर हमारा स्कोर बिना किसी नुकसान के 50 रन होता है तो फिर हमें कैसे बल्लेबाजी करनी होगी। इन चीजों पर लंबी बातचीत हुई है और अब इन पर केवल अमल करना बाकी है.'
बल्लेबाजी शैली के बारे में रोहित ने कहा,‘हमने जो रवैया अपनाया है उससे हमारा विश्वास बढ़ा है कि हम ऐसा खेल सकते हैं.यह बहुत अच्छा संकेत है. इन छह मैचों के बाद हमारी एक और समीक्षा बैठक होगी और फिर हम देखेंगे कि हमें वर्ल्ड कप में क्या करना होगा.'
स्पोर्ट्स से जुड़ी Latest Updates के लिए अभी NDTV Sports Hindi को सब्सक्राइब करें. Click to Subscribe
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं