
मेजबान न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस् मैच के साथ ही उसके दिग्गज मीडियम पेसर टिम साऊदी (Tim Southee) अपने सौ टेस्टों से भी ज्यादा के करियर को विराम दे देंगे. टिम साऊदी ने अपने टेस्ट करियर में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए, लेकिन इस मैच के साथ ही साऊदी को एक बड़े मलाल के साथ जाना होगा. दरअसल इंग्लैंड के खिलाफ हैमिल्टन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में अपने छक्कों का शतक जड़ने का अच्छा मौका था, लेकिन वह दो रन ही बनाकर आउट हो गए. और उनके छक्कों की सुई 98 पर ही अटकी रह गई. वैसे साऊदी ने शनिवार को पहली पारी में वेस्टइंडीज के पूर्व बल्लेबाज क्रिस गेल के छक्के लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी की थी.अब साऊदी और गेल के अब टेस्ट क्रिकेट में एक बराबर 98 छक्के हो गए हैं. केवल एडम गिलक्रिस्ट (100), ब्रेंडन मैकुलम (107) और बेन स्टोक्स (133) से पीछे हैं. न्यूजीलैंड के दूसरे सर्वकालिक सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने वाले साउदी टेस्ट क्रिकेट में अंतिम बार बल्लेबाजी करने उतरे और उन्हें सोमवार को इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया.
Tim Southee walks out to bat for the final time in Test cricket to a guard of honour 🥹 pic.twitter.com/BmVRxa72g1
— England's Barmy Army 🏴🎺 (@TheBarmyArmy) December 16, 2024
साऊदी ने स्टंप्स पर कहा,"यह एक अजीब एहसास था. बल्लेबाजी करते हुए इतना दबाव कभी महसूस नहीं किया. लेकिन नहीं,यह अच्छा मज़ा था. लड़कों के लिए यह दो दिन बहुत बढ़िया रहे. उन्होंने (ब्रेंडन मैकुलम) कुछ कहा - उन्हें ठीक से सुना नहीं. लेकिन वह निश्चित रूप से लंबे समय से वहां हैं और एक बेहतरीन साथी रहे हैं. अच्छा है कि वह इस अंतिम बार भी यहां हैं. जब भी आप न्यूजीलैंड के लिए विकेट लेते हैं, वह एक खास पल होता है.'

साऊदी ने कहा,'जैसा कि मैंने पहले कहा है, एक बच्चे के रूप में बड़ा होना, एक विकेट लेना - हर बार जब आपको यह एहसास होता है, तो यह एक ऐसा एहसास है जिसे मैं निश्चित रूप से याद करूंगा. यह मेरे जीवन का एक बड़ा हिस्सा रहा है, जो मैं कर पाया हूं, उसे करना मेरे लिए सम्मान की बात है.' साउदी दो छक्कों से उस मील के पत्थर तक पहुंचने से चूक गए जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में केवल तीन बल्लेबाजों द्वारा बनाया गया है.
उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि अगले कुछ दिन अच्छे होंगे, लेकिन मुझे यकीन है कि कुछ दिन भावनात्मक भी होंगे. निराश करने के लिए खेद है (100 टेस्ट छक्के लगाने से चूकना).' 36 वर्षीय खिलाड़ी ने पहली पारी में छक्कों का शतक बनाने का पुरजोर प्रयास किया था. उन्होंने 23 गेंदों 10 गेंदों में 23 रन बनाकर केंद्र में जगह बनाई. इसमें उन्होंने एक चौका और तीन छक्के जड़े, लेकिन दूसरी पारी में वह एक भी छक्का नहीं लगा सके. नतीजा यह रहा कि वह छक्कों का शतक नहीं जड़ सके.
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