
Mohammad Shami & Umesh Kumar: मोहम्मद शमी के दोस्त उमेश कुमार ने एक बड़ा खुलासा किया है. शमी के दोस्त उमेश ने खुलासा किया कि एक समय शमी आत्महत्या करने की सोच रहे थे. शुभंकर मिश्रा के प्रॉडकास्ट पर दिए इंटरव्यू में उमेश ने इन बातों का खुलासा किया है. बता दें कि शमी अपन वाइफ से अलग रहे हैं. शमी के लिए पत्नी हसीन जहां से अलगाव की स्थिति काफी तनावपूर्ण रही है. क्योंकि उनकी वाइफ ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज कराया था. उन्होंने शमी पर एक पाकिस्तानी महिला से पैसे लेकर मैच फिक्सिंग करने का भी आरोप लगाया था. हालांकि अधिकारियों ने शमी को इन आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन उनके दोस्त उमेश कुमार ने शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर खुलासा किया कि उस दौरान शमी ने आत्महत्या करने के बारे में भी सोच लिया था.
भारतीय तेज गेंदबाज के दोस्त उमेश ने इंटरव्यू में शमी पर खुलासा करते हुए कहा, "शमी उस दौर में हर चीज़ से लड़ रहे थे.. वो मेरे साथ मेरे घर में रहते थे.लेकिन जब पाकिस्तान के साथ फ़िक्सिंग के आरोप सामने आए और उस रात जांच हुई, तो वो टूट गए. उन्होंने कहा कि मैं सब कुछ बर्दाश्त कर सकता हूं लेकिन अपने देश के साथ विश्वासघात करने के आरोपों को बर्दाश्त नहीं कर सकता."
उमेश ने अपनी बात आगे ले जाते हुए कहा, " खबरों में ये भी आया कि वो उस रात कुछ बड़ा करना चाहते थे .. सुबह करीब 4 बजे जब मैं पानी पीने के लिए उठा तो मैं किचन की तरफ़ जा रहा था, तभी मैंने देखा कि वो बालकनी में खड़े थे.. वो 19वीं मंज़िल थी, जहां हम रह रहे थे. मुझे समझ में आ गया कि क्या हुआ था. मुझे लगता है कि शमी के करियर की वो रात सबसे लंबी रात थी. बाद में, एक दिन, जब हम बात कर रहे थे, तो उनके फ़ोन पर एक मैसेज आया जिसमें कहा गया था कि उन्हें मामले की जांच कर रही समिति से क्लीन चिट मिल गई है. शायद वो उस दिन जितना खुश थे, उतना शायद वो वर्ल्ड कप जीतने पर भी नहीं हुए होंगे.'
इसके अलावा शमी ने इसको लेकर अपनी बात कही और कहा, "ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस चीज़ को ज़्यादा प्राथमिकता देते हैं और फिर सामने वाले पर कि उसकी बातें कितनी सच हैं.. इसलिए जब आपको पता हो कि दूसरे व्यक्ति की हरकतें अमान्य हैं और आपके लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं, तो आपको अपनी प्राथमिकताएं नहीं छोड़नी चाहिए.. अगर मैं आज मोहम्मद शमी नहीं होता, तो कोई भी मेरी स्थिति की परवाह नहीं करता, और न ही मीडिया को इसमें कोई दिलचस्पी होती.. फिर मैं उस चीज़ को क्यों छोड़ूं जिसने मुझे शमी बनाया.. इसलिए आपको लड़ते रहना होगा."
Helplines | |
---|---|
Vandrevala Foundation for Mental Health | 9999666555 or help@vandrevalafoundation.com |
TISS iCall | 022-25521111 (Monday-Saturday: 8 am to 10 pm) |
(If you need support or know someone who does, please reach out to your nearest mental health specialist.) |
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं