
Michael Clarke on R Ashwin's retirement: भारत के दिग्गज स्पिनर अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान ले लिया है. अश्विन के संन्याल की खबर ने फैन्स को चौंका दिया. फैन्स ही नहीं बल्कि पूर्व दिग्गज भी अश्विन के अचानक रिटारमेंट की बात सुनकर हैरान रह गए हैं. हर किसी को लगता है कि अभी अश्विन के संन्यास लेने का समय नहीं था. वहीं, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने अश्विन के रिटायरमेंट पर रिएक्ट किया है. माइकल क्लार्क इस बात से हैरान हैं कि रविचंद्रन अश्विन ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के बीच में ही संन्यास लेने का फैसला किया. उन्हें लगता है कि गेंदबाज को फैसला लेने से पहले बाकी दो मैचों का इंतजार करना चाहिए था. अश्विन ने पांच मैचों की सीरीज के दूसरे टेस्ट में खेला था, लेकिन ऐसा लगता है कि तीसरे मुकाबले से बाहर होने से उन्हें प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह के बारे में सच्चाई का पता चल गया था.
ऐसे में अब ऑस्ट्रेलियाई पूर्व कप्तान क्लार्क ने अश्विन को लेकर बात की और कहा, "अश्विन सभी फॉर्मेटों में शानदार गेंदबाज़ थे, क्योंकि उनका सामना करना आसान नहीं था, ख़ासकर भारतीय विकेटों पर.. वे सम्मान के हकदार हैं और अपने शानदार करियर के लिए बधाई के पात्र हैं. जिस तरह से उन्होंने संन्यास लिया, उससे मैं हैरान हूं. भले ही वे दो टेस्ट नहीं खेलने वाले थे, लेकिन मुझे लगता है कि वे घर वापस जाकर इस बारे में फैसला कर सकते थे."
क्लार्क को लगता है कि कप्तान रोहित और कोच गंभीर ने उन्हें बताया था कि वे मेलबर्न और सिडनी टेस्ट का हिस्सा नहीं होंगे. पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, "मैंने एशेज में भी ऐसी ही स्थिति देखी है.रयान हैरिस चोट के कारण बीच में ही संन्यास ले चुके हैं, मुझे लगता है कि अश्विन से कोच और कप्तान ने बात की थी और उन्हें बताया गया था कि अगले दो टेस्ट में उनके लिए कोई जगह नहीं है, जिसके कारण उन्हें यह फ़ैसला लेना पड़ा."
अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में 11 बार प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़ जीता है. वे 2011 विश्व कप जीत का हिस्सा थे और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में टीम की सफलता में भी उन्होंने भूमिका निभाई थी. अश्विन टेस्ट में भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं. साल 2011 में डेब्यू करने वाले अश्विन ने अपना आखिरी मैच एडिलेड में खेला.
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