
भारत को 12 साल में घरेलू टेस्ट सीरीज में पहली पराजय झेलनी पड़ी जब मिचेल सेंटनेर की बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी के दम पर न्यूजीलैंड ने उसे दूसरे क्रिकेट टेस्ट में 113 रन से हराया और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप तालिका में भी शीर्ष स्थान से हटाने का खतरा पैदा कर दिया. भारत की लगातार 18 टेस्ट सीरीज में यह पहली हार थी. न्यूजीलैंड ने करीब 70 साल में पहली बार भारत में टेस्ट सीरीज जीती है. न्यूजीलैंड टीम 1955 से यहां दौरा कर रही है लेकिन इतने साल में भारत के किले में सेंध नहीं लगा सकी. एक समय स्पिन गेंदबाजी को खेलने में महारथी माने जाने वाले भारतीय बल्लेबाज सेंटनेर का सामना नहीं कर पाये जिन्होंने मैच में 13 विकेट लिए. जीत के लिये 359 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 245 रन पर आउट हो गई. यशस्वी जायसवाल ने 77 और रविंद्र जडेजा ने 42 रन बनाये लेकिन उनके अलावा कोई कीवी गेंदबाजों का डटकर सामना नहीं कर सका.
बेंगलुरू में पहले टेस्ट में 46 रन पर आउट होने वाली भारतीय टीम की 2012- 13 में इंग्लैंड के हाथों हारने के बाद यह सीरीज की पहली हार है. कीवी टीम ने भारत का अपनी धरती पर लगातार 18 टेस्ट सीरीज जीतने का सिलसिला तोड़ा. भारत ने इस शताब्दी में अपनी धरती पर टेस्ट सीरीज में यह चौथी हार है. इस भारी हार के मायने हैं कि भारत डब्ल्यूटीसी तालिका में 98 अंक के साथ शीर्ष पर तो रहेगा लेकिन प्रतिशत में उसके अंक (62.80) अब आस्ट्रेलिया (62.50) से थोड़े ही अधिक है. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिये आस्ट्रेलिया जाने से पहले भारत के लिये यह सीरीज जीतना बेहद जरूरी था ताकि वह डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह पक्की कर सके. अब भारत की राह कठिन है क्योंकि आस्ट्रेलिया की चुनौती का उसे सामना करना है.

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'जयसवाल और गिल के साथ अच्छी साझेदारी'
रोहित शर्मा ने बल्लेबाजी के विफल होने पर कहा,"बल्लेबाज समझते हैं कि वो विफल रहे, उस चुनौती का जवाब देने में विफल रहे, आप जानते हैं, किसी भी पिच पर खेलना. वह पिच बिल्कुल भी खराब नहीं थी. आप जानते हैं, हम इतना अच्छा नहीं खेल पाए कि उनकी पहली पारी तक पहुंच सकें, उनके पहली पारी के स्कोर के करीब पहुंच सकें. और फिर जाहिर तौर पर 100 रन पीछे रहते हुए, आप जानते हैं, हम हमेशा से जानते थे कि हमें जो भी स्कोर हासिल करना है वह चुनौतीपूर्ण होगा."

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रोहित ने आगे कहा,"क्योंकि जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, पिच थोड़ा अलग व्यवहार करने लगी. और फिर, हां, 350 प्राप्त करने के लिए. हम जानते थे कि, आप जानते हैं, हमारी मानसिकता उन रनों को हासिल करने की थी. बीच में जयसवाल और गिल के साथ हमारी अच्छी साझेदारी हुई, लेकिन उसके बाद फिर हमने जल्दी-जल्दी विकेट खो दिए. और तब जाहिर तौर पर हम जानते थे कि खेल हमारे हाथ से फिसल रहा था और फिर, आप जानते हैं, हम उस दबाव का जवाब देने में विफल रहे."
क्या अधिक प्रयास कर सकती थी टीम इंडिया
वहीं जब रोहित शर्मा ने पूछा गया कि क्या टीम इंडिया दूसरी पारी में और अधिक प्रयास कर सकती थी, इसको लेकर कप्तान ने कहा," देखिए अभी ये दो टेस्ट मैच में हुआ है ऐसा, हमने 18 सीरीज इंडिया में जीती है. इसका मतलब यह है कि हमने बहुत सी चीजें अच्छी की है. पहली इनिंग में बैंटिंग अच्छी की है, दूसरी इनिंग में बैटिंग अच्छी की है. और ये सीरीज में हम शायद वैसे तरीके से बैटिंग नहीं कर पाए जैसे करना चाहिए था, लेकिन ऐसी चीजें होती है."
"पोस्टमार्टम नहीं करना चाहूंगा"
न्यूजीलैंड के खिलाफ पुणे में मिली हार के बाद रोहित बोले,"लगातार चुनौतीपूर्ण पिचों पर बल्लेबाजों ने रन बनाए हैं. जब भी हमने भारत में खेला है तो, मैं ज्यादा कुछ इसमें सोचना नहीं चाहूंगा कि हमने बहुत कुछ उलटा सीधा कर दिया है. अभी दो मैच हमारे खराब रहे बल्लेबाजों के, वास्तव में दो इनिंग खराब रहे, पर ऐसा होता है, कभी कभी आप इतना निरंतरता के साथ इतना मैच जीत रहे हो, इतना अच्छा कर रहे हो, तो एक आध सीरीज में हो जाता है कि जो करना चाहिए वो होता नहीं है."

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रोहित ने आगे कहा,"मुझे लगता है कि इस सीरीज में जो हम करना चाह रहे थे, वो हो नहीं सका हमाने बल्लेबाजों से, मैं किसी की योग्यता पर संदेह नहीं कर सकता क्योंकि सबके पास काफी योग्यता है और इन्हीं लड़कों ने हमें ये सब मैचों जो पिछली सीरीज में हम जीते यह सब बल्लेबाजों ने हमें जिताया. तो ज्यादा पोस्टमार्टम नहीं करना चाहूंगा इस चीज का."
बल्लेबाजी को लेकर बोले रोहित शर्मा
रोहित ने बल्लेबाजों का बचाव करते हुए कहा,"ये देख सकते हैं कि हमें ऐसी स्थिति में हमें क्या करना चाहिए अलग, सारे बल्लेबाजों को अपने- अपने प्लान से आना चाहिए, सारे बल्लेबाजों को अपने प्लान पर भरोसा करना चाहिए कि ये प्लान मेरा है और ये प्लान मेरा काम करेगा. नहीं होगा वो अलग बात है. न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने दिखाया कि अगर आप एक मैथेड से खेलोगे प्रेशर डालोगे बॉलर पर तो काम हो सकता है. लेकिन दोबारा ये बहुत डिपेंड करता है, न्यूजीलैंड गेम में आगे चल रही थी. तो उनके बल्लेबाज फ्री होकर खेल रहे थे. पिछले पांच छह सालों में उलटा हो रहा था, हम गेम चला रहे थे. तो ऐसा होता है. तो मैं इसमें अधिक नहीं देखूंगा."

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की संभावनाओं पर कही ये बात
भारत की इस हार के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को करारा झटका लगा है. भारतीय टीम हालांकि, अभी भी रेस में हैं, लेकिन अब उसके लिए चुनौती कम नहीं है. भारत के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल को लेकर रोहित ने कहा,"मुझे लगता है कि डब्ल्यूटीसी के बारे में सोचना अभी जल्दबाजी होगी. मुझे लगता है कि मैं सिर्फ इसलिए दुखी हूं क्योंकि हम गेम हार गए. मैं तो यही कहूंगा. मैं इस बारे में नहीं सोच सकता कि आगे क्या होने वाला है और क्या यह हमारी संभावनाओं और उन सभी चीजों को प्रभावित कर सकती है."
सबको लेनी होगी जिम्मेदारी
भारत की हार पर बोलते हुए रोहित ने आगे कहा,"मुझे लगता है कि हम इन दोनों मैचों में अच्छा नहीं खेल सके और यह दुखद है. हम सीरीज हार गए और यह स्पष्ट रूप से दुखद है. लेकिन जैसा कि मैंने अभी कहा, कुछ चीजें हैं जो हमें एक इकाई के रूप में करने की जरूरत है. सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं गेंदबाज भी. यह गेंदबाजों और बल्लेबाजों की सामूहिक विफलता है. अगर आप कोई टेस्ट मैच हारते हैं तो यह सिर्फ एक खास चीज की वजह से नहीं होता. यह पूरी इकाई का सामूहिक रूप से विफल होना है. क्योंकि जब आप टेस्ट मैच जीतते हैं तो हर कोई उस श्रेय का हकदार होता है.' यदि आप टेस्ट मैच हार जाते हैं तो यह उसी तरह होता है. हर किसी को वह दोष लेना होगा."

मैच जीतने के माइंडसेट को लेकर रोहित ने कही ये बात
भारत ने कानुपर में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला सिर्फ दो दिनों में जीत लिया था. उस दौरान भारत के आक्रमक अंदाज की काफी चर्चा हुई थी. न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे, जबकि न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने यह काम आसानी से किया. ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के माइंडसेट को लेकर उठे सवाल पर रोहित ने कहा,"यदि आप तीन दिनों तक बल्लेबाजी करते हैं, तो आप एक टेस्ट मैच जीतेंगे. अभी तीन दिन का खेल बाकी था. मुझे लगता है कि उस स्कोर तक पहुंचने का प्रयास करने का विचार था. जब पिच वही कर रही है जो वह कर रही है, तो केवल उसी मानसिकता के साथ खेलना आसान नहीं है. आपको रन बनाने पर भी ध्यान देना होगा. इसी तरह आप कोशिश करते हैं और गेंदबाजों को दबाव में रखते हैं."

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रोहित ने आगे कहा,"जैसा कि मैंने अभी न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के बारे में बताया, वे अलग-अलग चीजें करने की कोशिश कर रहे थे और यह उनके लिए बहुत अच्छा काम कर रहा था. क्योंकि वे अलग-अलग चीजें करने की कोशिश कर रहे थे और गेंदबाजों को दबाव में डाल रहे थे.' उस प्रक्रिया में, इस बात की अच्छी संभावना है कि गेंदबाज अलग-अलग चीजें करने की कोशिश करेंगे, लंबाई को गलत समझेंगे, अलग-अलग चीजें करने की कोशिश करेंगे. यह विपक्ष के पक्ष में काम करता है. वास्तव में यही है जो हुआ. हम अलग-अलग चीजें करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन यह हमारे काम नहीं आया. इसने न्यूजीलैंड के लिए काम किया. इस तरह वे आगे बढ़े और रन बनाये. हम वो रन बनाने में नाकाम रहे."
टेस्ट ड्रा कराने नहीं जीतने जाऊंगा- रोहित शर्मा
रोहित ने टेस्ट मैच जीतने को लेकर कहा,"लेकिन फिर, अगर हमें लगता है कि हम एक टेस्ट मैच बचा सकते हैं, तो हम एक टेस्ट मैच बचा सकते हैं. मुझे लगा कि हमारे लिए टेस्ट मैच जीतने का अच्छा मौका है. आपको कुछ बड़ी साझेदारियां मिलेंगी. आप कभी नहीं जानते, कुछ भी संभव है. खेल में अभी काफी समय बाकी है. मैं किसी भी तरह से पहले टेस्ट मैच बचाने और फिर उसे जीतने की मानसिकता में नहीं जाऊंगा. मुझे लगता है कि मेरी मानसिकता थोड़ी उलटी काम करती है. मैं सबसे पहले गेम जीतने का अवसर ढूंढने का प्रयास करूंगा. यदि वह काम नहीं करता है, तो हम प्रयास करेंगे और अन्य विकल्प ढूंढेंगे. लेकिन मुझे लगता है कि मानसिकता टेस्ट मैच जीतने की होनी चाहिए. इस तरह हम उस कानपुर टेस्ट मैच को दो दिनों में खींचने में सफल रहे. क्योंकि हमारी मानसिकता तेजी से रन बनाने की थी."

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रोहित ने कहा,"लेकिन एक समय हम 100-100 पर थे. तो ऐसी चीजें हो सकती हैं. आप कभी नहीं जान पाते. जैसा कि मैंने कहा, कुछ साझेदारिया. और फिर विपक्ष पर उस लक्ष्य का बचाव करने का दबाव होता है. और यही हम करना चाहते थे. हम बड़ी साझेदारी करके और अलग-अलग शॉट खेलने की कोशिश करके उन्हें दबाव में रखना चाहते थे. लेकिन इसने हमारे पक्ष में काम नहीं किया."
दबाव वाला माहौल में नहीं चाहते क्रिकेट खेलना
न्यूजीलैंड ने भारत को उसी के घर पर पहली बार टेस्ट सीरीज में हराया है. इसके बाद भारत को ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है. ऐसे में यह हार अपने आप में काफी कुछ कहती है. इसको लेकर रोहित शर्मा ने कहा,"मैं अलग तरह से प्रतिक्रिया नहीं करने जा रहा हूं. देखिए हमने भारत में कितने गेम जीते हैं. मुझे लगता है मैं बस टीवी देख रहा था. हमने 54 टेस्ट मैचों में से 42 टेस्ट मैच जीते हैं. यह लगभग 80% टेस्ट मैच हैं जो हमने जीते हैं. इसलिए बुरी चीज़ों की तुलना में अधिक अच्छी चीज़ें हुई हैं. तो बुरी चीज़ों को इतना क्यों देखें? निःसंदेह, इस पर गौर करना जरूरी है. लेकिन इतनी प्रतिक्रिया न दें कि जहां टीम के भीतर मौजूद लोगों को लगने लगे कि कुछ अलग हो रहा है. मैं उस तरह का माहौल नहीं बनाना चाहता जहां लोग खुद पर शक करने लगें. लोग अनावश्यक दबाव लेने लगते हैं. हम इस तरह से क्रिकेट नहीं खेलना चाहते."
रोहित ने आगे कहा,"हमने पहली पारी में अच्छी बल्लेबाजी नहीं की. वह पिच 150 हासिल करने लायक नहीं थी. हम इस बारे में सोचेंगे कि हमने उस पारी में क्या अच्छा नहीं किया. और हम थोड़ी सी चीजों पर चर्चा करेंगे कि हम क्या सुधार कर सकते हैं. लेकिन हां, मुझे मेडिकल किट खोलने और अलग-अलग काम शुरू करने की ज़रूरत नहीं है. यह समझना महत्वपूर्ण है कि इस टीम ने पहले भी कई अच्छे काम किए हैं."
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