
भारत का घरेलू पिचों पर विदेशी टीमों को पूरी निर्ममता से रौंदने का क्रम वेस्टइंडीज के खिलाफ शुक्रवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में भी बरकरार रखने की संभावना है जिसमें कैरेबियाई टीम वापसी की उम्मीदों के साथ उतरेगी. भारत ने मैच के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है. भारत ने राजकोट में पहला टेस्ट मैच पारी और 272 रन के रिकार्ड अंतर से जीता था तथा दूसरे टेस्ट मैच में भी किसी तरह का अंतर आने की संभावना नहीं है, लेकिन करोड़ों भारतीय क्रिकेटप्रेमी कुछ और ही बातों को लेकर चिंतित हैं. मैच का परिणाम क्रिकेटप्रेमियों को बहुत हद तक मालूम है, लेकिन अब यही देखना होगा कि जो चिंता वे कर रहे हैं, उसका जवाब मिल पाता है या नहीं. वैसे चिंतित इन जवाबों को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट भी है.
In focus - #TeamIndia prep for the 2nd Test at Hyderabad #INDvWI pic.twitter.com/Za4gycI6Ki
— BCCI (@BCCI) October 10, 2018
यही नहीं वेस्टइंडीज के कप्तान जैसन होल्डर अब भी शत प्रतिशत फिट नहीं हैं तथा उनके एकमात्र उपयोगी तेज गेंदबाज शैनन गैब्रियल का भी खेलना संदिग्ध है. भारत ने दूसरी तरफ पहला टेस्ट मैच तीन दिन में जीतने वाली अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया है. वैसे भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे को ध्यान में रखते हुए एकतरफा मुकाबले आदर्श नहीं कहे जाएंगे। इससे पहले 2011 में भारत ने वेस्टइंडीज को एकतरफा सीरीज में 2-0 से हराया था लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे में उसे 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था. इसी तरह से 2013 में भी भारत ने दोनों टेस्ट मैच तीन दिन के अंदर जीत लिए थे लेकिन इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के दौरे में इसका कोई फायदा नहीं मिला जिसे भारतीय टीम ने गंवा दिया था.
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इससे पता चलता है कि वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम पिछले कुछ वर्षों से प्रतिस्पर्धी नहीं रही जो भारतीय टीम को पर्याप्त चुनौती दे सके. भारत वैसे भी अपनी सरजमीं पर अच्छा प्रदर्शन करता रहा है. इस तरह के मुकाबले में किसी भी खिलाड़ी के लिए खुद को प्रेरित करना चुनौती होती है और कप्तान विराट कोहली ने पिछले मैच में 139 रन बनाकर दिखाया था कि वह किसी भी तरह के मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिये तैयार हैं.
Team India for the 2nd Test against Windies at Hyderabad #INDvWI pic.twitter.com/QMgNm6jf4Q
— BCCI (@BCCI) October 11, 2018
अठारह वर्षीय पृथ्वी शॉ ने पदार्पण टेस्ट में शतक लगाकर उम्मीद के मुताबिक सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा लेकिन कोहली की पारी इसलिए बेजोड़ थी क्योंकि इससे उन्होंने दिखाया कि किस तरह से एक अन्य तरह की चुनौती के लिए खुद को तैयार करना होता है. वेस्टइंडीज की गेंदबाजी की तुलना भारत की किसी कमजोर प्रथम श्रेणी टीम से की जा सकती है. वह बेदम है और इसलिए भारतीयों को फिर से बड़ा स्कोर खड़ा करने में दिक्कत नहीं आनी चाहिए जबकि पिच भी इसके अनुरूप लगती है.
भारत के लिए चिंता का विषय अंजिक्य रहाणे की फार्म और केएल राहुल की निरंतरता है. रहाणे पिछले 14 महीनों से टेस्ट मैचों में शतक नहीं लगा पाए हैं, तो केएल राहुल बेहतरीन फॉर्म में होने के बावजूद वैसा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं जैसा आना चाहिए, उम्मीद है कि इस मैच में इन दोनों खिलाड़ियों का बल्ला बोलेगा. केएल राहुल को बनाए रखने का मतलब है कि भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह दिसंबर से एडिलेड में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच में राहुल-शॉ की सलामी जोड़ी के साथ उतरना चाहता है. शार्दुल ठाकुर फिर से 12वें खिलाड़ी की भूमिका निभाएंगे. मोहम्मद शमी और उमेश यादव भी इस मौके का फायदा उठाना चाहेंगे क्योंकि उन्हें वनडे टीम में जगह मिलने की संभावना नहीं है. जहां तक वेस्टइंडीज का सवाल है तो वह भारत को कुछ चुनौती पेश करने की कोशिश करेगा. पहले टेस्ट मैच में केवल कीरेन पावेल और रोस्टन चेज ही भारतीय आक्रमण का कुछ देर तक सामना कर पाये थे. उसके बल्लेबाजों को धैर्य बनाए रखने की जरूरत है जो कि पहले मैच में नहीं दिखा था. दोनों टीमें इस प्रकार हैं :
भारत (अंतिम 12) : विराट कोहली (कप्तान), पृथ्वी साव, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, उमेश यादव, मोहम्मद शमी, शार्दुल ठाकुर.
VIDEO: पहले टेस्ट में भारत ने विंडीज पर रिकॉर्ड जीत दर्ज की.
वेस्टइंडीज : जेसन होल्डर (कप्तान), सुनील एम्ब्रिस, देवेंद्र बिशू, क्रेग ब्रैथवेट, रोस्टन चेज, शेन डोवरिच, शैनन गैब्रियल, जहमर हैमिल्टन, शिमरोन हेटमायर, शाई होप, अलज़ारी जोसेफ, कीमो पॉल, कीरेन पॉवेल, केमार रोच, और जोमेल वारिकन
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