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Ind vs NZ: "बेहतर होता कि वह गेंदबाजी न ही करते...", चोपड़ा ने अश्विन को लेकर उठा दिया बड़ा सवाल

Nz vs Ind 1st Test: पहले टेस्ट में मिली हार के बाद रोहित की कप्तानी को लेकर खासी आलोचना हो रही है. इसी बीच चोपड़ा ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है

Ind vs NZ: "बेहतर होता कि वह गेंदबाजी न ही करते...", चोपड़ा ने अश्विन को लेकर उठा दिया बड़ा  सवाल
ind vs nz: आकाश चोपड़ा ने एक पड़ा सवाल खड़ा किया है
नई दिल्ली:

नवंबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने से पहले न्यूजीलैंड के हाथों बेंगलुरु टेस्ट में मिली हार से न केवल टीम रोहित (Rohit Sharma) पर बांग्लादेश जीत से चढ़ी  खुमारी उतरी होगी, बल्कि इसने टीम का खुद से साक्षात्कार करने का भी मौका दिया है कि वास्तविक स्थिति क्या है. फैंस तो अभी भी यह नहीं पचा पा रहे हैं कि पहली पारी में भारत 46 रन पर ही सिमट गया था. हालांकि, दूसरी पारी में सरफराज के शतक और पंत की पारियों ने टीम को 402 का स्कोर दिया जरूर, लेकिन पुछल्ले ढेर हुए तो भारत सिर्फ 107 रन की ही बढ़त ले सका, तो वहीं पंडित इस बात पर भी हैरानी जता रहे हैं कि दोनों टीमों सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले रविचंद्रन अश्विन को रोहित ने देर से आक्रमण पर क्यों लगाया. 

पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं कि रन कम थे, लेकिन हमने अश्विन से बिल्कुल भी गेंदबाजी नहीं कराई. मैं यह नहीं कह रहा कि अगर अश्विन गेंदबाजी करते, तो हम मैच जीत जाते, लेकिन हमने उनसे बॉलिंग नहीं कराई. यह बहुत ही हैरानी भरा था," उन्होंने कहा, "अश्विन से बॉलिंग क्यों नहीं कराई गई? मेरे पास  इसका कोई जवाब नहीं है क्योंकि अगर आप आंकड़ों पर गौर करेंगे, पाएंगे वह टीम इंडिया के नंबर एक  गेंदबाज हैं.और किसी ने टेस्ट में अश्विन से ज्यादा विकेट नहीं लिए हैं.लेफ्टी बल्लेबाज खेल रहे थे और आपने उनसे गेंदबाजी नहीं कराए. यह बिल्कुल भी समझ में नहीं आता."

आकाश ने कहा, "अश्विन का पांचवें गेंदबाज के रूप में इस्तेमाल करना हैरानी भरा था. बुमराह के लंबे स्पेल की बात समझ में आती है क्योंकि केवल दो ही विकेट गिरे थे और ये दोनों ही बुमराह ने लिए. हालांकि, जब दूसरे छोर पर सिराज को रोका गया, तो वह नई गेंद से अच्छी बॉलिंग कर रहे थे. ऐसे समय आप जडेजा या अश्विन को पहले गेंदबाजी करा सकते थे, लेकिन आपने अश्विन का इस्तेमाल पांचवें गेंदबाज के रूप में किया."

पूर्व ओपनर ने कहा,"मैच खत्म हो गया था और मैच में कुछ भी नहीं बचा था. जब आपने उन्हें बॉलिंग के लिए बुलाया, तो 15-20 रन ही बाकी बचे थे.  अगर आप उनसे गेंदबाजी न ही कराते, तो ज्यादा बेहतर होता.प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सवाल पूछा जाना चाहिए था: "रोहित भाई यह आपने क्या किया?", मुझे लगता है कि यह भारत की गलती रही और यह पूरी तरह मेरी समझ से परे रहा कि उनसे गेंदबाजी क्यों नहीं कराई गई. 

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