Ind vs Aus 4th ODI: कुछ ऐसे एश्टन टर्नर ने भारत से छीनी जीत, चार विकेट से जीता ऑस्ट्रेलिया

Updated: 11 March 2019 11:55 IST

IND vs AUS, 4th ODI: मोहाली का चौथा वनडे भारत के लिए मानो किसी सदमे की तरह रहा! जब जीत एकदम सामने दिखाई पड़ रही थी, तब एश्टन टर्नर ने विराट के स्ट्राइक गेंदबाजों पर प्रचंड प्रहार लगाते हुए भारत के मुंह से निवाला छीन लिया.

Ind vs Aus 4th ODI, Live: India vs Australia Live@ Mohali
IND vs AUS, 4th ODI: उस्मान ख्वाजा सिर्फ 9 रन से शतक से चूक गए

मोहाली:

मोहाली में रविवार को खेले गए चौथे डे-नाइट वनडे (IND vs AUS, 4th ODI) मुकाबले में नंबर छह बल्लेबाज और अपने करियर का सिर्फ दूसरा मैच खेल रहे एश्टन टर्नर (84 रन, 43 गेंद, 5 चौके, 6 छक्के) की आतिशी बल्लेबाजी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया (#IndvAus, #IndvsAus) ने भारत को चार विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने शिखर धवन और रोहित शर्मा की बेहतरीन बल्लेबाजी से कोटे के 50 ओवर में 9 विकेट पर 358 रन बनाए. पैट कमिंस ने 5 विकेट लिए. एश्टन टर्नर (#AshtonTurner) को ही मैन ऑफ द मैच चुना गया. 

जवाब में ऑस्ट्रेलिया की खराब शुरुआत हुई. और उसने 12 रन पर ही अपने दो विकेट गंवा दिए. लेकिन उस्मान ख्वाजा और पीटर हैंड्सकॉम्ब ने तीसरे विकेट के लिए 192 रन की साझेदारी निभाकर ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटकों से उबारते हुए मेहमान टीम को मजबूत आधार दिया. एक समय ऑस्ट्रेलिया को आखिरी 6 ओवरों में जीत के लिए 61 रन बनाने थे. और यहीं से भारत पर बड़ा कहर टूटा. और यह कहर ढाया एश्टन टर्नर ने. टर्नर ने भुवनेश्वर कुमार के फेंके 45वें ओवर में 20 रन बटोरे, तो फिर उनका कहर बुमराह के 48वें ओवर की पांचवीं गेंद पर लिए गए 2 रन के साथ अपनी टीम को जिताकर ही खत्म हुआ. टर्नर की आतिशी बल्लेबाजी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 13 गेंद पहले ही अपनी टीम को मैच जिताकर सीरीज को 2-2 की बराबरी पर ला दिया. 

दूसरा पावर-प्ले (11 से 40 ओवर): 30 गज के घेरे के बाहर अधिकतम 4 फील्डर

साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को उबारा
ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 12 रन पर दो विकेट गंवा दिए, तो दबाव दूसरे ओपनर उस्मान ख्वाजा और पीटर हैंड्सकॉम्ब के कंधों पर आ गया. और इन्होंने हर काम प्रक्रिया के हिसाब से ही किया. पहले निगाहें जमाईं, हालात से खुद को ढाला, सिंगिल्स-डबल्स पर जोर दिया. और जब जम गए, या मौके मिले, तो बड़े शॉट खेलने से कोई गुरेज भी नहीं किया. वास्तव में ख्वाजा और  हैंड्सकॉम्ब ने भारतीय बॉलरों को कोई मौका ही नहीं दिया. विराट ने बार-बार गेंदबाज बदले. कभी गेंद युजवेंद्र को थमाई, तो कभी जाधव को, लेकिन नतीजा रहा शून्य. लंबे इंतजार के बाद आखिर कामयाबी दिलाई जसप्रीत बुमराह ने. वैसे बुमराह से ज्यादा विकेट रहा फील्डर कुलदीप यादव का. बाउंसर पर हुक करने की कोशिश. और कुलदीप यादव ने गिरते-पड़ते पकड़ लिया एक बेहतरीन कैच. और 9 रन से शतक से चूक गए ख्वाजा. लेकिन उन्होंने हैंड्सकॉम्ब के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 192 रन जोड़कर ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटकों से उबारते हुए एक अच्छा आधार रख दिया. 

पहला पावर-प्ले (1 से 10 ओवर): 30 गज के घेरे के बाहर अधिकतम 2 फील्डर: भारतीय सीमर मस्त, कंगारू पस्त

बुमराह की यॉर्कर के क्या कहने !

यॉर्कर फुललेंथ हो और स्लोर हो, तो बहुत ही खतरनाक होती है! कारण यह है कि अगर बल्लेबाज पढ़ नहीं पाता, तो बल्ला अपनी स्वाभाविक गति से आता है. और पढ़ने से साफ चूक गए शॉन मार्श. नहीं पढ़ सके और बल्ला पूरे फ्लो में नीचे आया. बल्ला पहले चल गया, गेंद बाद में गिरी, एकदम सही जगह. जहां सोचकर फेंकी गई थी, ठीक उसी जगह. और चौथे ही ओवर में शॉन की पारी का अंत कर दिया बुमराह ने. इसी के साथ ही अनिवार्य औसत के इरादों को भी जोर का झटका लगा. इन दो विकेटों की मार ऐसी रही कि ऑस्ट्रेलिया शुरुआती 10 ओवरों में फायदा उठाने से पूरी तरह से चूक गया. ऐसे में ख्वाजा और हैंड्सकॉम्ब ने भी वही किया, जो कोई भी करता. पूरा ध्यान  लगाया स्विंग और यॉर्कर के साथ शुरुआती दो झटकों से उबरने पर. नतीजा यह रहा कि कंगारू 10 ओवरों में 2 विकेट पर सिर्फ 47 ही रन बना सके. 

फिंच के फिर उड़ गए तोते!

क्या कहने भुवनेश्वर कुमार की इनस्विंग के! पहले भी अंदर आती गेंद पर फिंच को कई बार गच्चा दिया है भुवी ने. इस बार भी सिर पर 359 रनों का टारगेट का भारी बोझ लिए फिंच मैदान पर उतरे थे. रन बनाने का भारी दबाव काम कर गया. चौथी ही गेंद पर फ्लिक खेलने चले गए. टप्पा पड़ने के बाद एक लंबी इनस्विंग. बल्ले और पैर के बीच इतना गैप  कि बस भी निकल जाए!! टन्न की जोरदार आवाज. स्टंप्स जमी पर, भुवी हवा में और फिंच पवेलियन में !

विकेट पतन: 3-1 (फिंच, 0.4), 12-2 (मार्श, 3.3), 204-3 (उस्मान, 33.1), 229-4 (मैक्सवेल, 36.1), 271-5 (हैंड्सकॉम्ब, 41.1), 357-6 (कैरी, 47.4)

इससे पहले भारत ने शिखर धवन (143 रन, 115 गेंद, 18 चौके, 3 छक्के) के करियर के 16वें शतक और रोहित शर्मा (95 रन, 92 गेंद, 7 चौके, 2 छक्के) रन की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत मेहमान ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 359 रनों का बहुत ही मजबूत टारगेट रखा था. रोहित और शिखर ने पहले विकेट के लिए 193 रन की साझेदारी निभाकर एक बहुत ही ठोस आधारशिला रखी. इन दोनों के बाद में ऋषभ पंत (36 रन, 24 गेंद, 4 चौके, 1 छक्का) और निचले क्रम में विजय शंकर (26 रन, 15 गेंद, 1 चौका, 2 छक्का) ने उम्दा बल्लेबाजी की. और इस प्रयास से भारत कोटे के 50 ओवरों में 9 विकेट पर 358 रन बनाने में कामयाब रहा. ऑस्ट्रेलिया के लिए पैट कमिंस ने 5 विकेट चटकाए. 


तीसरा पावर-प्ले (41 से 50 ओवर): 30 गज के घेरे के बाहर अधिकतम 5 फील्डर: शंकर ने दी फिनिशिंग!

आखिरी के दस ओवर ऋषभ पंत और खासतौर पर बल्ले से इन फॉर्म और हर क्रम पर बेहतर करने को आतुर विजय शंकर के नाम रहा. नंबर तीन पर केएल राहुल (26) ने कुछ रन बटोरने की कोशिश जरूर की, लेकिन यह पंत और शंकर ही थे, जिन्होंने रन गति को तेज किया. हालांकि, वनडे में ज्यादातर मौकों की तरह उम्मीदों को परवान चढ़ाकर पंत विदा हो गए, लेकिन एक छोटी आकर्षक पारी खेलने में वह कामयाब रहे. दूसरे छोर पर नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के सिलसिले के बीच शक हो चला था कि भारत साढ़े तीन सौ से काफी पीछे रह जाएगा. ऐसे में विजय शंकर ने एक तेज पारी खेलते हुए टीम इंडिया को बहुत ही मजबूत स्कोर दिला दिया. आखिरी के 10 ओवरों में भारत ने 91 रन बनाए और छह विकेट गंवाए.

दूसरा पावर-प्ले (11 से 40 ओवर): 30 गज के घेरे के बाहर अधिकतम 4 फील्डर

तीसरे गीयर में धवन !

धवन ने जंपा की गेंद पर शतक जड़कर 97 गेंदों पर अपना 16वां शतक पूरा किया. और इसके बाद वही देखने को मिला, जिसकी सभी उम्मीद कर रहे थे. शिखर धवन ने अपनी बैटिंग को तीसरे गीयर में डाल दिया! मैक्सेवल के फेंके 35वें ओवर में एक छक्का और चौका जड़ा, तो कमिंस के ठीक अगले ही ओवर में धवन ने दो बार गेंद को जमीनी बाउंड्री की सैर कराई. लेकिन इस पारी का चरमोत्कर्ष आना अभी बाकी था. यह आया 37वें ओवर में. यह ओवर फिर से लेकर बेरेहेनडॉर्फ आए, तो धवन ने 2 चौकों और 1 छक्कों से 15 रन बटोर लिए. इसके बाद 38वें ओवर में एक और चौका जड़कर कमिंस की गेंद को उड़ाने में चूके, तो गेंद स्टंप्स बिखेर गई. और हो गया 143 रन की बेहतरीन पारी का अंत. धवन ने सौ से 143 रन तक पहुंचने में सिर्फ 18 गेंदें लीं. पूरी पारी में जड़े 18 चौके और 3 छक्के. 

धवन का 16वां शतक 
रोहित ने गीयर देर से बदले हों, लेकिन धवन के धमाके अर्द्धशतक पूरा करने के बाद भी नियमित अंतराल पर जारी रहे. 21वें ओवर में मैक्सवेल आए, तो छोटी गेंद पर एरियल रूट के जरिए छह रन बटोर लिए. इस छक्के के बाद धवन धीमे पड़े, तो रोहित ने पेस पकड़ ली. लेकिन बीच-बीच में सिंगल्स डबल्स से पारी लगातार आगे बढ़ाते रहे. और  मैक्सवेल पर जड़े छक्के के बाद  चौका आया 31वें ओवर में रिचर्ड्सन के ओवर में.

इसी ओवर में रोहित आउट होकर पवेलियन लौट गए. लेकिन अगले ओवर में धवन ने कोई उतावलापन नहीं दिखाया. जल्द ही धवन 96 पर थे. सभी की नजरें धवन के शतक पर. जंपा के 32वें ओवर की आखिरी गेंद. छोटी और लेग साइड के बाहर. धवन का पीछे की ओर घूमते हुए चौका. इसी के साथ धवन ने जड़ डाला वनडे करियर का 16वां शतक...

चूक गए रोहित शतक से 

अर्द्धशतक बनने के बाद रोहित ने थोड़ी दी देर बाद गीयर बदलने की शुरुआत कर दी. 24वें ओवर में जंपा ने शॉर्ट गेद फेंकी, तो 83 मी. का छक्का जड़कर रोहित पचासे से पहले के धीमेपन की भरपाई के मोड में आ गए. और जब 28वें ओवर में उन्होंने पार्टटाइमर एरॉन फिंच को चौका जड़ा, तो यह चौका उनके खाते मे 51 गेंद बाद जमा हुआ. लेकिन इसके बाद रोहित के बल्ले से नियमित अंतराल पर बाउंड्रियां बहनी शुरू हो गईं. नतीजा यह रहा कि 30वें ओवर के बाद जहां धवन 89 पर थे, थे तो रोहित का स्कोर 91 हो चका था. जॉय रिचर्ड्सन का फेंका ओवर में रोहित ने टेम्पो और ऊंचा करने की कोशिश की. पांचवी छोटी गेंद पर पुल से चौका जड़कर अपना स्कोर 91 किया. रिचर्डसन की एक और शॉर्टपिच. और रोहित की छक्का जड़कर शतक पूरा करने की कोशिश, लेकिन यह कोशिश धराशायी हो गई. गेंद डीप स्कवॉयर लेग पर खड़े हैंड्सकॉम्ब के हाथों में. रोहित की खुद को फटकार, पैर पटकना. पर सब बेकार. शतक का सपना गया पानी में. भारत का पहला विकेट 193 रन पर गिर गया. 

रोहित का पचासा
पिछले कुछ मैचों की नाकामी का असर रोहित की बल्लेबाजी पर दिखाई पड़ा. शुरुआत में धीमा पड़ने के बाद एक बार रोहित ने लेफ्टी बेरेनडॉर्फ को सामने बेहतरीन छक्का जड़कर दिखाया कि वह गीयर बदलने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. दूसरे छोर पर नियमित अंतराल पर शिखर धवन के धमाकों के बीच रोहित ने सिंगल्स-डबल्स पर ज्यादा जोर दिया. और बाउंड्री के लिए ज्यादा उतालावन नहीं दिखाया. यही कारण रहा कि रोहित ने 61 गेंदों पर 3 चौकों और 1 छक्के से अपना अर्द्धशतक पूरा किया. 

पहला पावर-प्ले (1 से 10 ओवर): 30 गज के घेरे के बाहर अधिकतम सिर्फ 2 फील्डर:  लौट आई शिखर की धमक!

मनपसंद पिच, चहके धवन!
चौथे वनडे में मोहाली की पारंपरिक पिच दिखाई बिल्कुल भी नहीं पड़ी! न घास, न सीम, न स्विंग और न ही उछाल. मामूली सा धीमापन जरूर दिखा, लेकिन यह नुकसानदेह बिल्कुल नहीं.  मतलब ठीक वैसी पिच, जैसी धवन के बल्ले और शैली को भाती है.  गेंद बल्ले पर टनाटन आ रही थी. और इसे फॉर्म हासिल करने के लिए अच्छी तरह भुनाया लेफ्टी शिखर धवन ने. कमिंस के पहले ही ओवर में चौका जड़ धवन ने अपनी असहजता दूर कर ली!

पैट कमिंस के फेंके पांचवें ओवर में धवन ने एक ऑफ ड्राइव और एक मिडऑन से चौका जड़ कर अपने चिर-परिचित तेवर दिखा दिए फॉर्म कैसी हो, समय कैसा भी चल रहा हो. अगर पिच उनके मिजाज के हिसाब से मिलेगी, तो वह पहले ही ओवर में गेंदबाजों का बैंड बजाएंगे. लेफ्टी बेरेनडॉर्फ छोटे से ब्रेक के बाद आठवां ओवर लेकर आए, तो धवन ने फिर से एक ऑन द अप बेहतरीन ड्राइव और एक ऑन ड्राइव से चौका जड़ते हुए इस ओवर की समाप्ति के बाद अपना स्कोर 40 कर लिया. सिर्फ 32 गेंदों पर. पहले पावर प्ले के बाद भारत का स्कोर 1 विकेट पर 58 पर रहा. रोहित 16 और शिखर 42 पर थे. 

विकेट पतन: 193-1 (रोहित, 30.6), 254-2 (शिखर, 37.4), 266-3 (विराट, 39.4),  296-4 (राहुल,  42.6), 314-5 (पंत, 45.3), 331-6 (जाधव, 47.6), 344-7 (भुवनेश्वर, 48.6), 351-8 (विजय, 49.3), 352-9 (युजवेंद्र, 49.5)

इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. भारतीय इलेवन में चार बदलाव किए गए हैं. धोनी की जगह ऋषभ पंत, अंबाती रायडू की जगह केएल राहुल को इलेवन में जगह दी गई है, जबकि मोहम्मद शमी की जगह भुवनेश्वर कुमार और रवींद्र जडेजा के स्थान पर युजवेंद्र चहल को शामिल किया गया है. दोनों टीमें इस प्रकार हैं:

ऑस्ट्रेलिया : एरॉन फिंच (कप्तान), उस्मान ख्वाजा, शॉन मार्श, पीटर हैंड्सकॉम्ब, ग्लेन मैक्सवेल, एश्टन टर्नर, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), जॉय रिचर्ड्सन, पैट कमिंस जैसन बेहरेनडॉर्फ और एडम जंपा

VIDEO: वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेले जाने वाले मैच में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के विचार सुन लीजिए

भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप-कप्तान), शिखर धवन, केएल राहुल, केदार जाधव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव,  और विजय शंकर 

 

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हाईलाइट्स
  • एश्टन टर्नर बने मैन ऑफ द मैच
  • टर्नर के 43 गेंदों पर नाबाद 84 रन
  • ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी 6 ओवर में बना डाल 61 रन
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