
World Cup 2023 में टीम इंडिया विजयी रथ पर सवार है. पिछले लगातार छह मैच जीतकर टीम रोहित (Rohit Sharma) प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच गई है. और यहां से उसका अंतिम चार टिकट महज औपचारिकता भर बचा है. हर मैच रोहित के रणबांकुरों ने कोई न कोई बड़ा पॉजिटिव हासिल किया है. कोई भी अनायास हुआ बदलाव छिपे वरदान की तरह आया है, लेकिन इसके बावजूद करोड़ों भारतीय प्रशंसक चोटिल होकर बाहर हुए हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) को लेकर खासे चिंतित हैं इसमें रत्ती भर भी कोई संदेह नहीं कि हार्दिक का कोई भी विकल्प नहीं है. और जब वह इलेवन का हिस्सा होते हैं, तो एक बड़ा संतुलन लेकर आते हैं. बहरहाल, ताजा खबर यह है कि श्रीलंका के खिलाफ 2 सितंबर मुंबंई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले जाने वाले मैच से पहले पांड्या के टीम के साथ जुड़ने की उम्मीद है. हार्दिक अभी भी 19 अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में लगी चोट से उबरने की प्रक्रिया में हैं.
एक अखबार की रिपोर्ट में BCCI के नजदीकी सूत्र के अनुसार हार्दिक फिलहाल बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में उपचार प्रक्रिया से गुजर रहे हैं. फिलहाल हमें नहीं कह सकते हैं कि वह श्रीलंका के खिलाफ खेलेंगे या नहीं, लेकिन वह टीम के साथ जरूर जुड़ेंगे. निश्चित तौर पर हार्दिक के जुड़ने की खबर टीम इंडिया के लिए स्वागत योग्य है. पांड्या बांग्लादेश के खिलाफ बॉलिंग के दौरान फॉलो-थ्रू में चोटिल हुए, तो इसके बाद उन्हें पिछले दो मैचों से बाहर बैठना पड़ा. अब यह देखनने की बात होगी कि टीम उन्हें लेकर श्रीलंका के खिलाफ क्या फैसला लेती है. अब यह तो आप जानते ही हैं कि पिछले दो मैचों में हार्दिक के संतुलन की भरपाई के लिए सूर्यकुमार यादव और मोहम्मद शमी को टीम में शामिल किया गया था. वैसे दो बड़ी वजह हो चली हैं, जिनके कारण हार्दिक का फिर से XI का हिस्सा बनना खासा मुश्किल दिख रहा है श्रीलंका के खिलाफ. और इसके पीछे दोे बड़ी वजह हैं, जो हार्दिक के खिलाफ जाृ रही हैं. आप इनके बारे में भी जान लें
"प्रबंधन की है यह सोच"
BCCI के सूत्र ने बताया कि भारतीय प्रबंधन हार्दिक पांड्या को लेकर किसी तरह का कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है. सभी ने देखा है कि कुछ महीने पहले जब बुमराह को लेकर जल्दबाजी दिखाई गई, तो बोर्ड और मेडिकल टीम की कितनी ज्यादा तीखी आलोचना हुई थी. निश्चित तौर पर बुमराह के मामले में BCCI के लिए हालात शर्मिंदगी भरे हो गए थे. और हम दोबारा से ऐसा खतरा मोल नहीं लेना चाहते. प्रबंधन बिल्कुल नहीं चाहता कि हार्दिक बिना पूर्ण फिटनेस हासिल किए वापसी करें. रोहित और राहुल की सोच पूर तरह से साफ है कि जब हार्दिक पूरी तरह से उबर जाएंगे, तभी उन्हें खिलाया जाएगा. और इस मामले में कोई भी जल्दबाजी या उतावलापन नहीं है.
"नए संतुलन ने असमजंस में डाला"
हार्दिक के चोटल होने के बाद प्रबंधन ने सूर्यकुमार यादव और मोहम्मद शमी को इलेवन का हिस्सा बनाया. और इस कॉम्बिनेशन का असर यह हुआ कि संतुलन को एक नया ही आयम मिल गया. जहां शमी ने पिछले दो मैचों में नौ विकेट चटकाए, तो वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मिली जीत में यादव के 49 रन ने इसमें और चार चांद लगा दिए. साफ है कि टीम में एक अहम कड़ी होने के बावजूद इन मैचों में हार्दिक पांड्या की कमी बिल्कुल भी नहीं खली. ऐसे में यह दूसरी वजह है, जिसने टीम मैनेजमेंट को स्वीट पेन दे दिया है.
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