
BCCI' s proposes new rule: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) टीम इंडिया की कार्यशैली में बदलाव करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. पहले से ही खिलाड़ियों के परिवार को मिल रही "खास रियायत" में कटौती कने की बात है. BCCI ने विदेशी दौरों खास तौर पर लंबी अवधि वाले दौरों के लिए पारिवारिक सदस्यों के "सीमित समय" का प्रावधान है. सूत्रों के अनुसार ये तमाम बदलाव टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) से बात करने के बाद किए जाने की तैयारी है. गंभीर ने टीम के भीतर "अनुशासन" की बात कही है, जिसका हल निकालन की जरुरत है.
एक अग्रणी समूह की रिपोर्ट के अनुसार, "वर्तमान खिलाड़ी खासे अनुशासनहीन हैं और हेड कोच एक सख्त आचार-संहिता चाहते हैं. गावस्कर-बॉर्डर सीरीज में हार के बाद हुई समीक्षा मीटिंग में गंभीर ने टीम के ड्रेसिंग रूप में अनुशासनहीनता की बात कही. यही वजह है कि कोविड से पहले बनाए गए नियमों में BCCI बदलाव करने की तैयारी है. और यह भी सही है कि पारिवारिक सदस्यों के विदेशी दौरे में समयावधि सीमित करने के मुद्दे पर गंभीर और खिलाड़ी एकमत हैं"
रिपोर्ट के अनुसार, "बैठक चीफ सेलेक्टर अजित अगरकर और गंभीर के साथ में मौजूद एक सीनियर खिलाड़ी ने BCCI अधिकारियों से तुरंत ही खिलाड़ियों को मैच फीस वितरित न करने को कहा. इस सुझाव के तहत मैच फीस देने से पहले खिलाड़ियों की परफॉरमेंस भी देखनी जानी चाहिए क्योंकि कुछ खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट और राष्ट्रीय टीम के हितों को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं"
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, "गावस्कर-बॉर्डर सीरीज के दौरान पूरे दौरे में एक ही बार पूरी टीम का एक साथ डिनर हुआ. खिलाड़ी अक्सर ग्रुपों में डिनर के लिए बाहर गए. और इस बात से कोच खुश नहीं हैं." इसी के बाद बीसीसीआई ने न केवल खिलाड़ियों के लिए नियमों में बदलाव की बात कही है, बल्कि गौतम गंभीर के पर्सनल मैनेजर से भी टीम होटल में न ठहरने और वीआईपी बॉक्स से दूर रहने के लिए कहा गया है." गौतम के साथ ही उनके मैनेजर को भी खास सुविधाएं दी गई थीं, लेकिन बोर्ड ने अब इन्हें भी खत्म करने का फैसला किया है
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