
इंग्लैंड के पूर्व लेफ्टआर्म स्पिनर मोंटी पनेसर (Monty Panesar) ने कहा है कि अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम (Narendra Modi Stadium) टेस्ट मैच के आयोजन का हकदार नहीं है क्योंकि तीसरा टेस्ट मैच दो दिन से भी कम समय में खत्म हो गया. साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर चौथे टेस्ट में भी ऐसी ही पिच निकलती है, तो आईसीसी को प्वाइंट्स काट लेने चाहिए. तीसरे टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड को दस विकेट से मात दी थी और इसी के बाद से ही अहमदाबाद की पिच चर्चा का विषय बनी हुई है. जहां, वेंगसरकर जैसे दिग्गज ने पिच की आलोचना की, तो आज ऑस्ट्रेलिया के महान ऑफ स्पिनर नॉथन लॉयन (Nathan Lyon) ने पिच की आलोचना करने वालों को आड़े हाथ लिया है.
पनेसर ने कहा कि अहमदाबाद का टेस्ट ठीक इंग्लैंड में रविवार को खेले जाने वाली क्लब क्रिकेट की तरह था. इस स्पिनर ने कहा कि दुनिया में सबसे बड़े स्टेडियम होने के नाते नरेंद्र मोदी स्टेडियम ज्यादा मैच आयोजित करने का हकदार है क्योंकि लोग देखना चाहते हैं कि पिच कितनी अच्छी है, आप स्टेडियम को देखते हैं, सुंदर नजारों को देखते हैं कि भारत ने कितना बेहतरीन स्टेडियम बनाया है. लेकिन यह स्टेडियम दो दिनी टेस्ट मैच के आयोजन का हकदार नहीं है, जहां 900 से कम गेंद के भीतर मैच खत्म हो गया. अगर आप इसी तरह की क्रिकेट खेलने जा रहे हैं, तो आप पार्क में भी खेल सकते हैं.
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क्या आईसीसी को इस तरह की पिच का संज्ञान लेना चाहिए, पर मोंटी बोले कि अगर अगले टेस्ट में भी कुछ ऐसी ही तस्वीर रहती है, तो आईसीसी को प्वाइंट्स काट लेने चाहिए. हर शख्स इससे खुश है कि क्रिकेट को अब दुनिया में सबसे बड़ा स्टेडियम मिल गया है. ऐसे में क्यूरेटर को कम से कम एक अच्छा विकेट तैयार करना चाहिए था. चेन्नई की पिच की हर कोई आलोचना कर रहा था, लेकिन यह उससे भी खराब पिच है.
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पनेसर बोले कि अगर आप टर्निंग ट्रैक बनाने जा रहे हैं, तो मैच साढ़े तीन दिन चलना चाहिए. कम से कम तीन दिन तो चलना ही चाहिए. भारतीय लोग कह रहे हैं कि इंग्लैंड के बल्लेबाज स्पिन नहीं खेल सकते. अगर आप इस पहलू पर जाते हैं, तो एलिस्टर कुक और केविन पीटरसन ने यहां रन बनाए है. कुक का भारत में रिकॉर्ड मैथ्यू हेडन जितना ही अच्छा है. पीटरसन ने तेजी से रन बनाए. क्या इंग्लैंड ने ऐसा किया? नहीं ऐसा नहीं किया. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि आईसीसी इसकी अनदेखी करेगी क्योंकि यह पिंक बॉल से खेला गया. ईमानदारी से कहूं कि दोनों टीमों के खिलाड़ी जो भी कह रहे हैं, मैं उस पर भरोसा कर सकता हूं. अगर आप पिंक बॉल से धीमे से गेंदबाजी करते हैं, तो यह पिच पर पड़ने के बाद तेजी से निकलती है. देखते हैं कि लाल गेंद कैसे प्रतिक्रिया देती है. देखे हैं कि क्या भारत फिर से तीन या साढ़े तीन दिन के भीतर जीतता है.
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