सौरव गांगुली ने चयन समिति के कार्यकाल को लेकर स्पष्ट की बीसीसीआई की राय, लेकिन....

Updated: 01 December 2019 20:25 IST

वहीं, जब गांगुली से पूछा गया कि क्या विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप में हिस्सा लेंगे, तो बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि कृपया धोनी से पूछें

Boss Sourav Ganguly clears the Bcci stand regarding selection committee tenure, but...
सौरव गांगुली बीसीसीआई की मीटिंग के दौरान

मुंबई:

एमएसके प्रसाद का चयनसमिति के अध्यक्ष के रूप में घटनाप्रधान कार्यकाल रविवार को समाप्त हो गया क्योंकि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने स्पष्ट किया है कि आप अपने कार्यकाल से अधिक समय तक पद पर नहीं रह सकते. प्रसाद का कार्यकाल समाप्त होने का मतलब है कि गांगुली (Sourav Ganguly) की अगुवाई वाला बीसीसीआई (BCCI) पुराने संविधान के अनुसार चल रहा है जिसमें चयनसमिति के लिए अधिकतम कार्यकाल चार साल का था. संशोधित संविधान में अधिकतम पांच साल के कार्यकाल का प्रावधान है. वहीं, जब गांगुली से पूछा गया कि क्या विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप में हिस्सा लेंगे, तो बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि कृपया धोनी से पूछें.

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ध्यान दिला दें कि प्रसाद और गगन खोड़ा को 2015 में नियुक्त किया गया था और उनकी जगह अब नये सदस्य नियुक्त किये जाएंगे. गांगुली ने बीसीसीआई की 88वीं वार्षिक आम बैठक के बाद कहा, ‘ उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है. आप कार्यकाल से अधिक समय तक पद पर नहीं रह सकते. उन्होंने अच्छा काम किया.'

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बता दें कि जतिन परांजपे, शरणदीप सिंह और देवांग गांधी 2016 में चयनसमिति से जुड़े थे और उनके कार्यकाल का अभी एक साल बचा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘हम चयनकर्ताओं का कार्यकाल तय करेंगे. हर साल चयनकर्ताओं की नियुक्ति करना सही नहीं है.  लेकिन ऐसे में सवाल यह है कि अगर चयनकर्ताओं को पांच साल नहीं दिए जाते हैं, तो क्या यह बोर्ड के नए संविधान का उल्लंघन नहीं होगा. क्या है सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी और टकराव नहीं होगा.

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भारतीय टीम ने पांच सदस्यीय पैनल के कार्यकाल के दौरान अच्छी सफलताएं हासिल की लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम अनुभव के कारण उन्हें लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ता था.
 

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