
IND vs ENG: भारत इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के दो टेस्ट मैच खेल चुका है. मेजबानों ने दूसरा टेस्ट जीतकर सीरीज मे 1-1 की बराबरी करने में भी सफलता हासिल की, लेकिन जो बात साफ तौर पर दिखी है, वह यह है कि ऑफी रविचंद्रन अश्विन (Ravichandra Ashwin) अभी तक कोई बड़ी चुनौती इंग्लिश बल्लेबाजों के लिए साबित नहीं हुए हैं. अश्विन के इस साल पर पूर्व ओपनर और बहुत ही बारीक निगाह रखने वाले आकाश चोपड़ा इस पर अपने विचार रखे हैं. इसमें दो राय नहीं है 37 साल के अश्विन सर्वकालिक महान का दर्जा हासिल कर चुके हैं. हालिया सालों में उन्होंने देश और बाहर जलवा बिखेरा है, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट मैचों में वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके हैं. हैदराबाद में अश्विन ने दोनों ओपनर जैक क्राले और बेन डकेट के विकेट चटकाकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन दूसरी पारी में वह प्रभाव नहीं छोड़ सके.
यह भी पढ़ें:
'यह मेरी पत्नी की छवि खराब करने का प्रयास...', जडेजा ने पिता के वायरल इंटरव्यू को सिरे से खारिज किया
चोपड़ा ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर अश्विन के एक ही लाइन पर अड़े रहने की जिद पर रोशनी डालते हुए कहा कि मैं इस बात पर हैरान था कि ओली पोन अपने रिवर्स स्वीप शॉट खेल रहे थे. और अश्विन एक ही क्षेत्र में गेंद डाल रहे थे. वह बाउंड्रियां खा रहे थे. मुझे एक ही लाइन से जड़ रहना समझ में नहीं आया. यह वह अश्विन नहीं हैं, जिन्हें हम जानते हैं. उन्होंने कहा कि विशाखापट्टम में भी अश्विन को ज्यादा विकेट नहीं मिले. मुझे लगा कि उनके प्रदर्शन में थोड़ी गिरावट आई है.
हालांकि, चोपड़ा ने कहा कि जो बात उनके लिए गलत जा सकती है, वह है पिच का अप्रत्याशित चरित्र और इंग्लिश बल्लेबाजों द्वारा प्रदर्शित किया गए आक्रामक इरादे.लेकिन यह भी सच है कि अगर बहुत ज्यादा स्पिन-मददगार पिचों पर खेलते हैं, तो बल्लेबाज आपकी ओर आक्रामण करने की ओर देखेंगे. इसकी उम्मीद की जा सकती है. ऐसे में बल्लेबाज विशेष को आउट करने में रचनात्मक होने की जरुरत पड़ती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं