ईरान के 'ड्रेस कोड' को इस भारतीय खिलाड़ी ने दिखााया ठेंगा, एशियाई चैंपियनशिप से हटीं

Updated: 12 November 2018 19:59 IST

29 साल की सौम्या स्वामीनाथन ने  सोशल मीडिया पर लिखी लंबी पोस्ट में कहा कि इरान का कानून मेरे बुनियादी मानवाधिकार, मेरी अभिव्यक्ति की आजादी और मेरे विचारों की आजादी, विवेक और धर्म का सीधा उल्लंखन है. उन्होंने लिखा कि ऐसा जान पड़ता है कि वर्तमान परिस्थितियों के तहत मेरे अपने अधिकारों की रक्षा का एकमात्र रास्ता ईरान न जाना है

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सौन्या स्वामीनाथन

नई दिल्ली:

धवार को अचानक से ही भारतीय शतरंज ग्रैंड मास्टर सौम्या स्वामीनाथन चर्चाओं के केंद्र में आ गईं. दरअसल सौम्या ने इस साल अगस्त में ईरान में होने वाली एशियाई टीम चैंपियनशिप से नाम वापस ले लिया है. उन्होंने साफ कहा है कि ईरान का अनिवार्य 'ड्रेस कोड' उन्हें स्वीकार नहीं है. और इस वजह से वह एशियाई चैंपियनशिप से नाम वापस ले रही हैं. सौम्या जूनियर वर्ग में पूर्व विश्व चैंपियन है. 

29 साल की सौम्या स्वामीनाथन ने सोशल मीडिया पर लिखी लंबी पोस्ट में कहा कि ईरान का कानून मेरे बुनियादी मानवाधिकार, मेरी अभिव्यक्ति की आजादी और मेरे विचारों की आजादी, विवेक और मेरे धार्मिक आजादी का सीधा उल्लंखन है. उन्होंने लिखा कि ऐसा जान पड़ता है कि वर्तमान परिस्थितियों के तहत मेरे अपने अधिकारों की रक्षा का एकमात्र रास्ता ईरान न जाना है.  सौम्या भारत की नंबर-5 शतंरज खिलाड़ी हैं. साथ ही, सौम्या ने अपनी पोस्ट में खिलाड़ियों के कल्याणा से जुड़ी बातों की परवाह न करने के लिए अधिकारियों पर जमकर बरसीं

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सौम्या ने लिखा कि मैं यह सोचकर बहुत ही निराश हूं कि आधिकारिक प्रतियोगिताएं या चैंपियनशिप की मेजबानी देने के दौरान खिलाड़ियों के कल्याण और अधिकारों से जुड़ी बातों को बहुत ही कम महत्व दिया जाता है. इस खिलाड़ी ने कहा कि मैं समझती हूं कि आयोजक हमसे हमारी राष्ट्रीय ड्रेस, औपचारिक या खेलों के परिधान पहने की उम्मीद करते हैं, लेकिन खेलों में धार्मिक ड्रेस कोड पहनने के लिए मजबूर किए जाने के लिए कोई जगह नहीं है. सौम्या ने कहा कि मैं पहले भी ईरान में खेल चुकी हूं और तब भी मुझे हिजाब पहनने के लिए मजबूर किया गया. लेकिन तब मैं बच्ची थी और मुझे इसके मायने नहीं पता थे. मुझे नहीं पता था कि यह कितना गलत था. जब मैंने इसे हटाने की कोशिश की, तो मुझे खाने की टेबल और यहां तक कि मैच के दौरान भी इससे पहने के लिए मजबूर किया गया. 

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बता दें कि ईरान में खेलों के दौरान लड़कियों के अनिवार्य रूप से स्कॉर्फ या हिजाब पहनने का कानून होने के कारण भारतीय शतंरज खिलाड़ी सौम्या स्वामीनाथन ने एशियाई चैंपियनशिप से हटने का फैसला किया है. इससे पहले साल 2016 में भारतीय निशानेबाज हिना सिद्धू ने भी इसी वजह से एशियाई प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया था. 

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हाईलाइट्स
  • पहले बचपन में भी ईरान में यह हुआ था सौम्या के साथ
  • हिना सिद्धू ने भी इसी वजह से नाम वापस लिया था कभी
  • मेरे मानवाधिकारों का उल्लंघन है स्कॉर्फ या हिजाब-सौम्या
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